चंबा। हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी दल से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने अपनी ही सरकार के भीतर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कृषि उपज विपणन समिति (APMC) के चेयरमैन ललित ठाकुर ने अज्ञात लोगों द्वारा लगातार पीछा किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अपनी ही सरकार में सुरक्षित नहीं है नेता!
उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप और गहन जांच की मांग की है। ललित ठाकुर ने इस संबंध में चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी को लिखित शिकायत सौंपी है।
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APMC चेयरमैन की गाड़ी का अज्ञातों ने किया पीछा
शिकायत में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि बीते कुछ दिनों से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और कुछ संदिग्ध वाहन उनका पीछा कर रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
थाने पहुंचे APMC चेयरमैन
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को हल्के में न लिया जाए और जल्द से जल्द उन लोगों की पहचान की जाए जो उनकी रेकी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने, संदिग्ध वाहनों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों की पूरी जांच करने की बात कही है, ताकि इन घटनाओं के पीछे की असल मंशा का पता लगाया जा सके।
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पुलिस में दी शिकायत
ललित ठाकुर के अनुसार, 2 मई को जब वह सरकारी वाहन में APMC कार्यालय बालू (चंबा) से अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। तभी एक संदिग्ध वाहन लगातार उनकी गाड़ी का पीछा करता नजर आया।
सोशल मीडिया पर आई एक पोस्ट
शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य घटना समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट ने उनके संदेह को और गहरा कर दिया। उस पोस्ट से उन्हें यह अहसास हुआ कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
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रात को घटी घटना
इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि इससे पहले भी भरमौर से लौटते समय लूना पुल क्षेत्र के पास रात के समय इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब कुछ अज्ञात लोग उनकी गाड़ी के पीछे लगे हुए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं को उन्होंने सामान्य नहीं माना है- बल्कि इसे एक गंभीर और सुनियोजित गतिविधि करार दिया है।
आखिर कौन थे लोग?
ललित ठाकुर ने पुलिस से स्पष्ट तौर पर पूछा है कि आखिर इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और उनकी मंशा क्या है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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प्रशासनिक हलकों में हलचल
इस पूरे मामले ने न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या सच में यह मामला महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है।
