सिरमौर। ‘बेटी है अनमोल’—इस कहावत को सिरमौर जिला की दो जुड़वां बहनों ने अपनी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर सच साबित कर दिखाया है। राजगढ़ उपमंडल के कोट ढांगर गांव की आंचल और महक ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। बचपन से साथ पढ़ीं, साथ सपने देखे और शिक्षक बनने का लक्ष्य भी साथ तय किया। अब दोनों बहनों ने एक साथ JBT परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
बचपन का साथ, सपनों की भी एक ही मंजिल
आंचल और महक ग्राम पंचायत कोठिया जाजर के कोट ढांगर गांव की रहने वाली हैं। दोनों का बचपन से ही पढ़ाई का सफर एक साथ रहा। दोनों बहनें एक साथ स्कूल जाती थीं, साथ पढ़ाई करती थीं और एक-दूसरे की पढ़ाई में मदद भी करती थीं। समय के साथ उनके सपने भी एक जैसे होते गए और दोनों ने शिक्षक बनने का लक्ष्य तय कर लिया।
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गांव के स्कूल से शुरू हुआ सफर
दोनों बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोट ढांगर स्कूल से हासिल की। पढ़ाई में प्रतिभाशाली आंचल और महक ने इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की और छठी कक्षा में दाखिला लिया। दोनों ने जवाहर नवोदय विद्यालय से ही 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। स्कूली शिक्षा के दौरान भी दोनों ने अपनी मेहनत और लगन को बरकरार रखा।
शिक्षक बनने का सपना लेकर सोलन पहुंचीं
12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों बहनों ने अपने बचपन के सपने को पूरा करने के लिए शिक्षक बनने की राह चुनी। इसके लिए दोनों ने सोलन से JBT का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान भी दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। पढ़ाई में किसी तरह की मुश्किल आती तो दोनों बहनें मिलकर उसका समाधान निकालतीं और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाती रहीं।
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मेहनत का मिला ऐसा फल, दोनों ने एक साथ पास की परीक्षा
JBT प्रशिक्षण के बाद दोनों बहनों ने भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की। लक्ष्य एक था और तैयारी भी साथ-साथ चलती रही। लगातार मेहनत, अनुशासन और एक-दूसरे के सहयोग के दम पर आंचल और महक ने JBT परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। दोनों की एक साथ सफलता ने परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया।
एक ही दिन दोहरी खुशी से झूम उठा परिवार
आंचल और महक की सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पिता विक्रम और माता तारा देवी अपनी दोनों बेटियों की उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। परिजनों के लिए यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों बेटियों ने न केवल अपना लक्ष्य एक साथ चुना, बल्कि उसे हासिल भी एक साथ किया।
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बेटियों ने साबित किया, मेहनत के आगे कोई मंजिल मुश्किल नहीं
आंचल और महक की कहानी उन परिवारों और बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। दोनों बहनों ने यह साबित किया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी उपलब्धि ने यह संदेश भी दिया है कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।
सिरमौर की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
दोनों बहनों की सफलता से क्षेत्र के लोगों में भी खुशी है। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने आंचल और महक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि दोनों बहनों की उपलब्धि सिरमौर की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उन्हें भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
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अब बच्चों का भविष्य संवारेंगी दोनों बहनें
JBT परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आंचल और महक अब शिक्षक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। जिस शिक्षा ने उन्हें अपने सपनों तक पहुंचाया, अब वे उसी शिक्षा के माध्यम से आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारने की तैयारी में हैं। दोनों का लक्ष्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है।
