#उपलब्धि
September 18, 2026
हिमाचल : प्रकृति ने पूरा किया फौजी दादा का सपना, IGMC से करेगी MBBS
मेडिकल स्टोर चलाते हैं प्रकृति के पिता
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ऊना। किसी मंजिल तक पहुंचने के लिए सिर्फ सपना देखना काफी नहीं होता, उसे पाने के लिए रोज की मेहनत और अनुशासन भी जरूरी होता है। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब उपमंडल की प्रकृति वर्मा ने इसी मेहनत के दम पर NEET-2026 में सफलता हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
ग्राम पंचायत दियाड़ा की रहने वाली प्रकृति का चयन IGMC शिमला में MBBS पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार के साथ-साथ क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है।
प्रकृति वर्मा भुवनेश कुमार और अंजलि की बेटी हैं। उनके पिता कुठेहड़ा जसवालां में निजी क्लीनिक चलाते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े परिवार में पली-बढ़ी प्रकृति के मन में बचपन से ही डॉक्टर बनने की इच्छा थी। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई पर लगातार फोकस बनाए रखा।
NEET जैसी देश की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए प्रकृति ने पढ़ाई को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया। परिवार के अनुसार उन्होंने तैयारी के दौरान अनुशासन के साथ पढ़ाई की और तमाम चुनौतियों के बीच अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकने दिया।
NEET-2026 में सफलता के बाद अब प्रकृति का सपना मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के साथ अगले पड़ाव की ओर बढ़ेगा। IGMC शिमला में MBBS के लिए चयन उनके परिवार के लिए भी गर्व का क्षण है।
प्रकृति की उपलब्धि से क्षेत्र के विद्यार्थियों में भी उत्साह है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली प्रकृति ने यह दिखाया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद नियमित मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
प्रकृति के परिवार का सैन्य पृष्ठभूमि से भी जुड़ाव रहा है। उनके दादा स्वर्गीय हरभजन वर्मा भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके थे। परिवार में उनका छोटा भाई आस्तिक वर्मा भी अभी पढ़ाई कर रहा है।
प्रकृति के NEET में चयन की खबर के बाद रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने परिवार को बधाई दी। परिवार को उम्मीद है कि प्रकृति आगे भी इसी तरह मेहनत जारी रखते हुए चिकित्सा के क्षेत्र में अपना नाम बनाएंगी।