सिरमौर। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर बड़े-बड़े मुकाम हासिल कर रही हैं। साधारण परिवारों से निकलकर प्रदेश की बेटियां अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और बड़े पदों तक पहुंच रही हैं। इसका ताजा उदाहरण सिरमौर जिला के पांवटा साहिब उपमंडल से सामने आया है, जहां एक सामान्य परिवार की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
ऑल इंडिया में 143वीं रैंक पाया
पांवटा साहिब के कोलर गांव की रहने वाली ज्योति ने NORCET-10 परीक्षा में ऑल इंडिया 143वीं रैंक हासिल कर नर्सिंग ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
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मेहनत के दम पर हासिल किया बड़ा मुकाम
ज्योति एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता विनोद कुमार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी Central Reserve Police Force में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता मीना देवी गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी और ज्योति ने भी अपनी मेहनत और निरंतर प्रयासों से यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।
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IGMC शिमला से की नर्सिंग की पढ़ाई
ज्योति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद Indira Gandhi Medical College से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत जारी रखी। उनकी प्रतिभा और मेहनत का परिणाम यह रहा कि बाद में उनका चयन All India Institute of Medical Sciences Rishikesh में एमएससी नर्सिंग के लिए भी हो गया। इसी दौरान उन्होंने NORCET-10 परीक्षा दी और पूरे देश में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 143वीं रैंक हासिल कर नर्सिंग ऑफिसर बनने का सपना पूरा कर लिया।
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क्षेत्र की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
ज्योति की सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। ग्रामीणों का कहना है कि ज्योति ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। उनकी सफलता को क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है।
परिवार ने जताई खुशी
ज्योति के माता-पिता ने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और आज उसकी मेहनत रंग लाई है। परिवार का कहना है कि ज्योति बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और उनका सपना स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवाएं देने का था, जिसे उन्होंने अब साकार कर दिखाया है। ज्योति की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सिरमौर जिला का नाम रोशन किया है।
