शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के गांव किरी की बेटी डॉ. मानसी राठौर अब भारतीय सेना का हिस्सा बन गई हैं। उन्हें आर्मी मेडिकल कोर (AMC) में अधिकारी के तौर पर कमीशन मिला है। देशभर से चुने गए सिर्फ 122 डॉक्टरों में जगह बनाकर उन्होंने अपने परिवार, गांव और पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।
लखनऊ में मिली बड़ी जिम्मेदारी
25 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित आर्मी मेडिकल कोर सेंटर एंड कॉलेज में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान डॉ. मानसी राठौर को भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन दिया गया।
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इसके लिए उन्होंने 8 जून से 25 जुलाई 2026 तक सात सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया। इस दौरान उन्हें युद्ध के समय घायलों का इलाज, एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट (ATLS) और सेना में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मेडिकल तकनीकों की ट्रेनिंग दी गई।
देश-विदेश के अधिकारियों के साथ किया प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण में कुल 127 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें 37 महिला अधिकारी, पांच मित्र देशों के अधिकारी और तीनों सेनाओं के प्रतिनिधि शामिल थे। पासिंग आउट परेड की सलामी आर्मी मेडिकल कोर सेंटर एंड कॉलेज के कार्यवाहक कमांडेंट मेजर जनरल कंवरजीत सिंह ने ली। इस खास मौके पर 200 से ज्यादा अभिभावक, परिवार के सदस्य और सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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ट्रेनिंग में संभाली बड़ी जिम्मेदारी
डॉ. मानसी राठौर ने प्रशिक्षण के दौरान गर्ल्स कंटिजेंट कमांडर की जिम्मेदारी भी निभाई। यह जिम्मेदारी उन्हें उनके अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और शानदार प्रदर्शन की वजह से मिली। इससे साफ है कि उन्होंने हर मोर्चे पर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
परिवार की सैन्य परंपरा को बढ़ाया आगे
डॉ. मानसी राठौर ऐसे परिवार से आती हैं, जहां सेना में सेवा देने की परंपरा रही है। वह राठौर परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं, जिन्हें भारतीय सेना में देश की सेवा करने का मौका मिला है। उनकी सफलता मेहनत, लगन और देशभक्ति का शानदार उदाहरण है।
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मुश्किल समय में भी नहीं मानी हार
डॉ. मानसी की कहानी संघर्ष से भी भरी हुई है। MBBS की पढ़ाई के दौरान परीक्षा के समय उनके पिता का निधन हो गया था। इतनी बड़ी व्यक्तिगत परेशानी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई व लक्ष्य पर पूरा ध्यान रखा। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपना सपना पूरा कर दिखाया।
गांव और प्रदेश के लिए बनी प्रेरणा
डॉ. कैप्टन मानसी राठौर की सफलता से सिर्फ उनका परिवार ही नहीं, बल्कि किरी गांव, चौपाल क्षेत्र, शिमला जिला और पूरा हिमाचल प्रदेश गर्व महसूस कर रहा है। उनकी कहानी यह बताती है कि अगर मेहनत और हौसला हो तो छोटे से गांव से निकलकर भी देश की सेवा की जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण इलाकों की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा है।
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हार्दिक शुभकामनाएं
डॉ. कैप्टन मानसी राठौर को इस शानदार उपलब्धि पर ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। सभी को उम्मीद है कि वह भारतीय सेना में अपनी सेवाओं से देश का नाम और ऊंचा करेंगी तथा उज्ज्वल भविष्य की नई मिसाल कायम करेंगी।
