लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के एक छोटे से गांव नूकर के युवा कलाकार अंशुल डोगरा ने मनोरंजन जगत में प्रदेश का नाम रोशन किया है। अंशुल ने OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की चर्चित सीरीज 'हैलो बच्चों' के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। 6 मार्च को रिलीज हुई ये सीरीज मशहूर शिक्षक और 'Physics Wallah' के संस्थापक अलख पांडे के जीवन और संघर्ष पर आधारित है।

रंगमंच से मायानगरी तक का सफर

25 वर्षीय अंशुल डोगरा एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता अमीर चंद डोगरा और माता विमला डोगरा ने हमेशा उनके सपनों का समर्थन किया। अंशुल की शुरुआती कलात्मक यात्रा दिल्ली विश्वविद्यालय के ARSD कॉलेज से शुरू हुई जहां उन्होंने कॉलेज की ड्रामा सोसायटी में अभिनय की बारीकियां सीखीं।

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अंशुल की प्रतिभा को निखारने में हिमाचल के प्रसिद्ध थिएटर निर्देशक केहर सिंह ठाकुर का बड़ा हाथ रहा है। उनके मार्गदर्शन में किए गए कठिन अभ्यास और प्रशिक्षण ने ही अंशुल को आज नेटफ्लिक्स जैसे बड़े मंच तक पहुंचाया है।

कौन हैं अलख पांडे जिनकी कहानी में दिखे अंशुल ?

  • अंशुल जिस सीरीज का हिस्सा बने हैं वे भारत के EdTech जगत के दिग्गज अलख पांडे की प्रेरणादायक कहानी है।
  • अलख पांडे ने 11वीं कक्षा से ही महज 5000 रुपये प्रति माह पर ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया था।

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इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़कर उन्होंने 2016 में 'Physics Wallah' यूट्यूब चैनल शुरू किया। उनका लक्ष्य उन बच्चों को शिक्षा देना था जो महंगी कोचिंग नहीं ले सकते थे। 2020 में प्रतीक माहेश्वरी के साथ मिलकर उन्होंने इसे एक बड़ी कंपनी बनाया। 2022 तक ये भारत की छठी एडटेक 'यूनिकॉर्न' (एक अरब डॉलर से अधिक की कंपनी) बन गई।

क्षेत्र में खुशी की लहर

एक छोटे से गांव से निकलकर नेटफ्लिक्स के मुख्य किरदारों में शामिल होना लाहौल-स्पीति और पूरे हिमाचल के लिए गर्व की बात है। अंशुल की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और माता-पिता का साथ मिले तो पहाड़ों की ऊंचाइयों से निकलकर मायानगरी तक पहुंचना असंभव नहीं है।