चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के नकरोड़-हिमगिरी मार्ग पर शनिवार को हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों को ऐसे जख्म दे गया है, जिन्हें शायद समय भी कभी पूरी तरह नहीं भर पाएगा। इस हादसे में जहां महज शादी से चार दिन पहले ही दुल्हन से उसका पिता और भाई छीन लिया। वहीं एक परिवार ने अपना जवान बेटा छीन लिया। हादसे ने करमूंड गांव के एक परिवार की जिंदगी ही उजाड़ कर रख दी। लंबे समय बाद छुट्टी लेकर घर लौट रहे बेटे की इस हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।

 

बताया जा रहा है कि घर में युवक की मां और दादा बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन बेटे के घर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत की खबर पहुंच गई। अपने पति को पहले ही खो चुकी एक मां के लिए बेटे की मौत किसी वज्रपात से कम नहीं थी। वहीं पोते की मौत की खबर सुनते ही दादा भी बेसुध हो गया। परिवार ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जिस बेटे का वह घर में इंतजार कर रहे हैं, वह अब कभी जिंदा नहीं लौटेगा।

 

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दिल्ली से घर लौट रहा था संजू

हादसे में जान गंवाने वाला संजू दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत था। लंबे समय बाद छुट्टी मिलने पर वह अपने घर लौट रहा था। परिवार के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं था। घर में उसकी मां और दादा उसके स्वागत की तैयारियों में लगे हुए थे। बेटे के घर आने की खुशी में परिवार के चेहरे खिल उठे थे और सभी उसकी राह देख रहे थे।

 

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काफी समय बाद घर लौट रहे संजू के आगमन को लेकर परिवार में उत्साह का माहौल था। मां बार-बार फोन पर बेटे की लोकेशन पूछ रही थी, जबकि दादा भी उसके घर पहुंचने का इंतजार कर रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस बेटे के स्वागत की तैयारी की जा रही है, उसकी मौत की खबर कुछ ही घंटों में पूरे परिवार को झकझोर देगी।

दोस्तों के साथ गया था हिमगिरी

बताया जा रहा है कि घर लौटते समय संजू की मुलाकात अपने कुछ दोस्तों से हुई। इसके बाद वह उनके साथ हिमगिरी क्षेत्र की ओर चला गया। उसने अपने परिवार को भी इस बारे में जानकारी दे दी थी। लेकिन देर रात उनकी कार एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयानक था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में संजू भी शामिल था। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया।

 

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पहले पिता का साया उठा, अब बेटे का भी साथ छूटा

संजू के परिवार के लिए यह दुख और भी बड़ा इसलिए है क्योंकि कुछ वर्ष पहले उसके पिता का भी निधन हो चुका था। पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संजू और उसके बड़े भाई के कंधों पर आ गई थी। दोनों भाई मिलकर परिवार का सहारा बने हुए थे और घर की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। लेकिन इस हादसे ने परिवार से उसका एक और मजबूत सहारा छीन लिया। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी बड़े भाई के कंधों पर आ गई है, जबकि मां और दादी के लिए इस दुख को स्वीकार कर पाना बेहद कठिन हो गया है।

मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल

जिस घर में बेटे के लौटने की खुशी मनाई जानी थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की एक झलक पाने की आस लगाए बैठी मां को जब हादसे की खबर मिली तो वह बदहवास हो गई। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं।

 

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गांव में पसरा शोकए हर आंख हुई नम

संजू की असमय मौत की खबर फैलते ही करमूंड गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि संजू मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक थाए जिसकी मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 

 

नकरोड़-हिमगिरी मार्ग पर हुआ यह दर्दनाक हादसा अपने पीछे कई ऐसे परिवार छोड़ गया है, जिनकी जिंदगी अब पहले जैसी कभी नहीं हो पाएगी। किसी ने अपना पिता खोया है तो किसी ने अपना बेटा, और इन परिवारों के दर्द को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।

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