#हादसा
August 11, 2026
हिमाचल BREAKING- तेज बारिश के बीच दरका पहाड़, मलबे की चपेट में आई गाड़ी- दो थे सवार
लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा गिरने से सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।
मंडी-कुल्लू के बीच संपर्क कट गया है, वहीं मनाली हाईवे समेत मंडी जिले के कई नेशनल हाईवे भी बाधित हैं। बारिश के बीच जगह-जगह पहाड़ दरकने की घटनाएं सामने आ रही हैं और कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन और विभागीय टीमें बंद पड़े मार्गों को बहाल करने में जुटी हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 259 सड़कें पूरी तरह बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा 120 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं।
इसके अलावा चंबा में 42, कुल्लू में 40 और शिमला में 30 सड़कें मलबे और भूस्खलन के कारण बाधित हैं। बारिश के कारण प्रदेश में 161 बिजली ट्रांसफार्मर और 54 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इससे कई क्षेत्रों में बिजली और पानी की समस्या खड़ी हो गई है।
कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में बारिश के बीच हादसा सामने आया है। बराड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर गिरने से एक गाड़ी इसकी चपेट में आ गई। वाहन मलबे और पत्थरों के नीचे दब गया। हादसे में गाड़ी में सवार दो लोग घायल हुए हैं। वहीं, आनी बस स्टैंड के पास भी भूस्खलन हुआ, जहां दो गाड़ियों पर मलबा गिरने की सूचना है।
शिमला के संजौली स्थित सिमेट्री क्षेत्र में भी सोमवार रात भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से भारी मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में तीन बाइक आ गईं। गनीमत रही कि हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। लगातार बारिश के चलते क्षेत्र में दोबारा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
मंडी जिले में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। मंडी-कुल्लू को जोड़ने वाले सड़क मार्ग भूस्खलन और चट्टानें गिरने के कारण बाधित हैं। इसके चलते दोनों जिलों के बीच यातायात प्रभावित हुआ है।
पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे भी ऊरला के पास मलबा आने के कारण बंद है। इसके अलावा कोटली के पास धर्मपुर-हमीरपुर नेशनल हाईवे और कांडी के पास मंडी-कटौला मार्ग भी भूस्खलन के कारण बाधित हुआ है।
मंडी-कुल्लू के बीच झलोगी के पास मनाली हाईवे पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण यातायात रोक दिया गया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सड़क से मलबा और पत्थर हटाने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा।
वहीं, पंडोह बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण व्यास नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी और अन्य जलस्रोतों के किनारे जाने से बचने की अपील की है।
बीते 24 घंटों में चंबा के भटियात में सबसे अधिक 95.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धर्मशाला में 74.1 मिलीमीटर, बजौरा में 67.5 मिलीमीटर और पालमपुर में 66.4 मिलीमीटर बारिश हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है और यलो अलर्ट जारी रखा है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा अभी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।