कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में आज शनिवार देर शाम को एक बेहद भीषण हादसा हो गया। इस हादसे में चार महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बता दें कि यह हादसा मौसक के कहर के चलते हुआ है। कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में तेज आंधी.तूफान के चलते  एक पेड़ चलती बोलेरो गाड़ी पर गिर गया, जिसने एक भयानक रूप ले लिया और पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

चलती गाड़ी पर गिरा पेड़

उपमंडल आनी के तहत शमशर.गुगरा सड़क पर शाम करीब पांच बजे अचानक तेज तूफान उठा। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ा एक विशाल चीड़ का पेड़ तेज हवा के दबाव में उखड़कर सीधे चलती बोलेरो गाड़ी पर जा गिरा।पेड़ के गिरते ही गाड़ी बेकाबू होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई, जिससे मौके पर ही चीख.पुकार मच गई। हादसे के समय गाड़ी में चालक सहित सात लोग सवार थे। जिसमें छह महिला अध्यापिकाएं थीं।

 

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चार महिला शिक्षकों की मौके पर मौत

इस दर्दनाक हादसे में गाड़ी में सवार सात लोगों में से चार महिला शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन अन्य लोग गभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान

मृतकों की पहचान

1. स्नेह लता (38) पत्नी टीका नंद, गांव पारलीधार, डाकघर कमांद, तहसील आनी।

2. बंती कौंडल पत्नी हेम दत्त, गांव लामीसेरी, तहसील आनी

3. उषा कुमारी (43) पत्नी मदन लाल, गांव तराला, डाकघर जाओं, तहसील आनी

4. सीमा आजाद (54) पत्नी जिया लाल आजाद, गांव रोपड़ी, डाकघर व तहसील आनी

घायलों के नाम

1. सुरेश चंद पुत्र देश राज, गांव रोपड़ी, तहसील आनी

2. तारा देवी पत्नी रविंद्र कुमार, गांव रोपड़ी, तहसील आनी

3. रीना कुमारी पत्नी प्रेम सागर, गांव कटहेड़, डाकघर बनारला, तहसील सरकाघाट, जिला मंडी

तीन घायलए अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में वाहन चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के मची चीख पुकार सुन कर स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, वहीं पुलिस प्रशासन को भी मामले की सूचना दी गई। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को सड़क तक पहुंचाया और फिर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। 

 

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इलाके में पसरा मातम

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। एक साथ चार शिक्षकों की मौत ने न केवल उनके परिवारों को तोड़ दिया है, बल्कि शिक्षा जगत को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

 

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मौसम बना हादसे की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज आंधी.तूफान के कारण पेड़ जड़ से उखड़ गया और यह दर्दनाक हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए।  यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम कितना खतरनाक साबित हो सकता है। एक पल की प्राकृतिक आपदा ने चार जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया।