हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक आवारा सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला ने चार महीने तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
महिला पर सांड ने किया हमला
मृतक महिला की पहचान सत्या देवी के रूप में हुई है, जो हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के तहत आने वाली पंचायत धीरड़ के गांव भोगों की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय हुआ था जब वह अपने घर के आंगन में बैठकर धूप का आनंद ले रही थीं। इसी दौरान उस पर एक आवारा सांड ने हमला कर दिया और उसे बुरी तरह से घायल कर दिया।
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सांड ने उठाकर जमीन पर पटक दी महिला
परिजनों के अनुसार 19 नवंबर 2025 को सत्या देवी अपने घर के आंगन में बैठी हुई थीं। तभी अचानक एक आवारा सांड वहां आ धमका और बिना किसी उकसावे के उन पर हमला कर दिया। सांड के जोरदार हमले से वह जमीन पर गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से सांड को वहां से भगाया। इसके बाद घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
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हालत बिगड़ने पर चंडीगढ़ रेफर
हमले में आई गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उनकी स्थिति नाजुक बताई और बेहतर इलाज के लिए उन्हें चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। वहां लंबे समय तक उनका इलाज चलता रहा। करीब चार महीने तक अस्पताल में उपचार के बाद भी उनकी हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। कुछ दिन पहले परिवार के सदस्य उन्हें घर ले आएए लेकिन उनकी सेहत लगातार गिरती रही और आखिरकार शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ले ली।
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इलाके में शोक और लोगों में आक्रोश
महिला की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही हैए जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक आवारा पशु लोगों की जान पर खतरा बनते रहेंगे।
