चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां चुराह क्षेत्र में जिस घर में बेटे के जन्मदिन की खुशियां मनाने की तैयारियां चल रही थीं, वहां कुछ ही घंटों में मातम छा गया। परिवार के मुखिया की एक हादसे में मौत होने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

बेटे ने BIRTHDAY पर खोया पिता

जानकारी के अनुसार, यह हादसा चुराह उपमंडल के गांव शालूई टिकरीगढ़ में हुआ। मृतक की पहचान 38 वर्षीय जान मोहम्मद पुत्र रमजान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार को वह अपने घर में निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों में व्यस्त था।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : PGI इलाज कराने गई महिला, घर पर नौकरानी ने कर दिया कांड- खोज में जुटी पुलिस

घर के लेंटर से गिरा

इसी दौरान वह अचानक घर के लेंटर से नीचे गिर गया। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। हादसे के तुरंत बाद परिजन और आसपास के ग्रामीण उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों ने मृत किया घोषित

रास्ते भर सभी को उम्मीद थी कि समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच जाएगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अस्पताल का माहौल भी गमगीन हो गया।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में आठवीं पास के लिए नौकरी : हर महीने 24 हजार तक मिलेगी सैलरी, जानें सबकुछ

मातम में बदली खुशियां

बताया जा रहा है कि रविवार को उसके बेटे जाहिद खान का जन्मदिन था। परिवार ने जन्मदिन को लेकर पहले से तैयारियां कर रखी थीं। बच्चों में उत्साह था और घर का माहौल खुशियों से भरा हुआ था। मगर हादसे ने सारी खुशियां पलभर में छीन लीं।

BIRTHDAY पर पिता को दी अंतिम विदाई

जन्मदिन का जश्न मनाने की जगह घर में शोक का माहौल बन गया और परिजनों की आंखों के सामने खुशियों के सारे सपने बिखर गए। रविवार दोपहर बाद जान मोहम्मद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : विधवा मां का दर्द- PGI में जिंदगी की जंग लड़ रहा इकलौता बेटा, लोगों से मांगी मदद

गहरे सदमे में पत्नी

जान मोहम्मद की मौत के बाद उसके परिवार ने इकलौता सहारा खो दिया है। जान मोहम्मद के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं- जिनकी पूरी जिम्मेदारी अब जान मोहम्मद की पत्नी के कंधों पर आ गई है। पति की आकस्मिक मौत के बाद पत्नी गहरे सदमे में है।

गांव में भी पसरा मातम

ग्रामीणों ने बताया कि जान मोहम्मद काफी मिलनसार स्वभाव का था। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए जान मोहम्मद काफी मेहनत कर रहा था। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : COLD DRINK की बोतल में रखी थी कीटनाशक दवा, 15 वर्षीय बेटी ने पी- थमी सांसें

परिजनों ने किया हंगामा

विदित रहे कि, जान मोहम्मद की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि घायल को समय पर डॉक्टर और उचित उपचार नहीं मिला, जिसके चलते उसकी जान चली गई।

घंटों तक नहीं मिला डॉक्टर

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद घायल को लंबे समय तक डॉक्टर नहीं मिला। उनका दावा है कि करीब तीन घंटे तक इलाज शुरू नहीं हो सका, जबकि संबंधित डॉक्टर भी काफी देर बाद अस्पताल पहुंचे। इस दौरान घायल की हालत लगातार बिगड़ती रही और रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

यह भी पढ़ें- हिमाचल के शिक्षकों के लिए बड़ा दिन : आज होगी हाईलेवल बैठक, 14 मांगों पर लग सकती है मुहर

जांच और कार्रवाई की मांग

परिजनों ने CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर खामियां हैं, जिनकी समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई।

स्वास्थ्य विभाग ने दिया जांच का भरोसा

हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल के 26 हजार आउटसोर्स कर्मियों के लिए बड़ी खबर : CM सुक्खू जल्द लाएंगे नई नीति

डॉक्टरों ने किया था रेफर

परिजनों के आरोपों के बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि घायल को अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती किया गया था- जहां हड्डी रोग और सर्जरी विशेषज्ञों ने उसकी तत्काल जांच की। उन्होंने कहा कि मरीज की हालत अत्यंत गंभीर थी, इसलिए उसे उच्च संस्थान रेफर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।

जाम में फंस गई थी डॉक्टर

प्राचार्य के अनुसार, एक विशेषज्ञ चिकित्सक रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम में फंस गई थीं, लेकिन उन्होंने वाहन छोड़कर पैदल अस्पताल पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। डॉ. गुप्ता ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें