#हादसा
September 15, 2026
हिमाचल में दो घरों के बुझ गए चिराग, 6 दिन से लापता कार गहरी खाई में मिला; अंदर थी दोनों की देह
छह दिन से वाहन और युवकों की तलाश में भटक रहे थे परिजन और पुलिस
शेयर करें:

रामपुर (शिमला)। हिमाचल की राजधानी शिमला के रामपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली बात यह है कि जिस वाहन में दोनों युवक सवार थे, वह पिछले छह दिनों से लापता था। परिजन और पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन मंगलवार सुबह वाहन मंगलाघाट खड्ड के पास गहरी खाई में क्षतिग्रस्त हालत में मिला। वाहन में सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में मातम पसर गया। दोनों मृतक किन्नौर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और तंगलिंग क्षेत्र से संबंधित थे।
पुलिस के अनुसार 9 सितंबर को रिकांगपियो पुलिस थाना में एक वाहन के लापता होने की सूचना दर्ज करवाई गई थी। वाहन पर ‘Applied’ लिखा हुआ था और उसमें दो युवक सवार थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित टीमों ने संभावित स्थानों पर वाहन और युवकों की तलाश शुरू कर दी थी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में विदाई से पहले मानसून का रौद्र रूप: 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सावधान रहें लोग
छह दिनों तक तलाश अभियान चलने के बाद मंगलवार सुबह टीम को मंगलाघाट खड्ड के पास एक क्षतिग्रस्त वाहन दिखाई दिया। जब टीम मौके पर पहुंची तो आशंका हकीकत में बदल गई। वाहन गहरी खड्ड में गिरा हुआ था और उसके भीतर दोनों युवक मृत अवस्था में मिले।
हादसा जिस जगह हुआ, वह बेहद दुर्गम और गहरी खड्ड वाला क्षेत्र बताया जा रहा है। वाहन के खाई में गिरने से वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। मौके पर दोनों युवकों की मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। लेकिन खड्ड की गहराई और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू टीम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की शर्तों पर किशाऊ बांध का MOU, सीएम सुक्खू बोले- बिना निवेश होगी 600 करोड़ की कमाई
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 28 वर्षीय अरविंदर नेगी पुत्र अनिल कुमार, निवासी गांव पोवारी, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर और 22 वर्षीय प्रशांत गंधर्व पुत्र मनोहर लाल, निवासी गांव पोवारी, जिला किन्नौर के रूप में हुई है। दोनों युवकों के अचानक दुनिया से चले जाने की खबर से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। छह दिन से जिस उम्मीद के साथ परिजन दोनों के सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहे थे, मंगलवार सुबह वही इंतजार मातम में बदल गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की सड़कें होंगी चकाचक, विक्रमादित्य सिंह का विभाग दो माह में 2500 KM सड़कों की बदलेगा तस्वीर
वाहन गहरी खड्ड में होने के कारण दोनों शवों को बाहर निकालना आसान नहीं है। घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति बेहद कठिन बताई जा रही है। पुलिस ने शवों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ अथवा अन्य विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम की सहायता मांगी है। रेस्क्यू टीम की मदद से शवों को खड्ड से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वाहन किस वजह से सड़क से अनियंत्रित होकर खड्ड में गिरा। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। शवों को बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा और उसके बाद पुलिस मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई करेगी। हादसे से जुड़ी परिस्थितियों और वाहन के सड़क से खाई में गिरने के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : IGMC में प्रेग्नेंट महिला की मौ**त- KNH से हुई थी रेफर, 7 माह के शिशु ने भी गर्भ में तोड़ा दम
छह दिनों तक लापता रहने के बाद वाहन का गहरी खाई में मिलना इस हादसे को और भी दर्दनाक बना रहा है। परिजन जहां दोनों युवकों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे, वहीं मंगलवार सुबह मिली खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रामपुर क्षेत्र में सामने आए इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सफर की चुनौती और गहरी खाइयों वाले दुर्गम इलाकों में होने वाली दुर्घटनाओं की भयावहता को सामने ला दिया है।