#हादसा
September 16, 2026
हिमाचल: घर से निकली विवाहिता के साथ हो गई बड़ी अनहोनी, थम गईं सांसें; सदमें में परिवार
घास काटते गहरी खाई में जा गिरी विवाहिता, पीजीआई ले जाते रास्ते में तोड़ा दम
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। घर से पशुओं के लिए घास लेने निकली एक महिला को क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। नगवाईं क्षेत्र में घास काटते समय अचानक पैर फिसलने से महिला गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद चंडीगढ़ ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
हादसा सोमवार दोपहर करीब तीन बजे नगवाईं क्षेत्र में हुआ। मृतका की पहचान रीना देवी पत्नी मनोज कुमार, निवासी गांव तनारू, मुहाल शिल्ह मशोरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रीना देवी घर के पशुओं के लिए चारा जुटाने के उद्देश्य से घासनी गई थीं। वह घास काट रही थीं, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और देखते ही देखते वह ढलान से नीचे गहरी खाई में जा गिरीं। गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लगी।
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महिला के खाई में गिरने की सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल रीना देवी को किसी तरह बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए सिविल अस्पताल नगवाईं पहुंचाया गया। महिला की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल कुल्लू रेफर कर दिया। परिजन बिना समय गंवाए उन्हें लेकर कुल्लू पहुंचे।
जिला अस्पताल कुल्लू में चिकित्सकों ने महिला की स्थिति को गंभीर पाया। सिर में लगी चोटों के चलते उन्हें बेहतर उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। परिजनों ने महिला को बचाने की उम्मीद में तुरंत चंडीगढ़ का रुख किया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
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परिजन रीना देवी को लेकर चंडीगढ़ जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद महिला को बचाया नहीं जा सका। मौत की खबर परिवार तक पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई। जिस महिला के घर से निकलने के बाद परिवार उसके वापस लौटने का इंतजार कर रहा था, वहां कुछ घंटों बाद मातम छा गया।
रीना देवी की मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। रोजमर्रा की तरह पशुओं के लिए चारा लेने निकली महिला का इस तरह अचानक दुनिया से चले जाना परिजनों के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। हादसे की खबर गांव में पहुंचते ही हर कोई स्तब्ध रह गया। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
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ग्राम पंचायत मशोरा की प्रधान मीना शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रीना देवी घास काटने के लिए घासनी गई थीं। इसी दौरान पैर फिसलने के कारण वह नीचे गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्होंने बताया कि घायल महिला को पहले नगवाईं अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कुल्लू और फिर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद तनारू और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में घास और पशुओं के लिए चारा जुटाने के दौरान महिलाओं को अक्सर कठिन और ढलानदार इलाकों में जाना पड़ता है। ऐसे स्थानों पर जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। रीना देवी की मौत ने एक परिवार से उसका अपना सदस्य छीन लिया और पूरे गांव को गम में डुबो दिया है।