सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। औद्योगिक नगर परवाणू के पास स्थित कौशल्या डैम में बूीते कल पेश आए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
डैम में डूब गया युवक
यहां दोस्तों के साथ डैम में नहाने गया 25 वर्षीय युवक गहरे पानी में डूब गया- जिसकी तलाश के लिए घंटों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसका शव बरामद किया गया। घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम का माहौल है, वहीं क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
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उद्योग में करता था काम
मृतक की पहचान सचिन पुत्र ओम प्रकाश के रूप में हुई है- जो कि बनोई गांव, कोट बेजा पंचायत का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि सचिन परवाणू स्थित एक निजी उद्योग में कार्यरत था।
दोस्तों संग गया नहाने
बुधवार सुबह अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद अपने दो दोस्तों के साथ कौशल्या डैम की ओर गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में मौज-मस्ती का यह कार्यक्रम एक दर्दनाक हादसे में बदल जाएगा।
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नहाने के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार दोपहर के समय सचिन अपने मित्र भूपिंदर और मुकुल के साथ डैम में नहाने के लिए उतरा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाने के दौरान उसने डैम के किनारे से पानी में छलांग लगा दी। शुरुआत में उसके दोस्तों को लगा कि वह कुछ ही क्षणों में वापस ऊपर आ जाएगा, लेकिन काफी देर तक जब वह सतह पर दिखाई नहीं दिया तो घबराहट फैल गई।
दोस्तों ने की बचाने की कोशिश
दोनों दोस्तों ने उसे खोजने और बचाने का प्रयास किया, लेकिन डैम की गहराई और पानी की स्थिति के कारण वे सफल नहीं हो सके। देखते ही देखते सचिन गहरे पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दी गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम
सूचना मिलते ही पुलिस टीम और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए। डैम के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। रेस्क्यू टीम ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया और रस्सियों व अन्य उपकरणों की सहायता से पानी में युवक की तलाश शुरू की गई।
पानी की गहराई 15 फुट
हालांकि डैम में पानी की गहराई 15 फुट से अधिक होने के कारण अभियान काफी कठिन साबित हुआ। कई घंटों तक लगातार प्रयास किए गए, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल पाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने खोज अभियान को तेज करने के लिए विशेष कदम उठाने का निर्णय लिया।
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पानी का स्तर कम कर चलाया गया अभियान
युवक की तलाश के लिए प्रशासन को डैम का जलस्तर कम करना पड़ा। इसके लिए मौके पर मशीनरी मंगवाई गई और पानी की निकासी का कार्य शुरू किया गया। जलस्तर कम होने के बाद रेस्क्यू टीम को तलाशी अभियान में कुछ सफलता मिली।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
कड़ी मशक्कत और लंबे प्रयासों के बाद सचिन को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकीय जांच में उसे मृत घोषित कर दिया गया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
DSP परवाणू अनिल शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
प्रशासन की लोगों से अपील
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में डैम, खड्डों, नदियों और अन्य जल स्रोतों में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए ऐसे स्थानों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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पहले भी हो चुके हैं हादसे
कामली पंचायत की प्रधान धर्मी देवी ने बताया कि कौशल्या डैम में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों को जागरूक करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पंचायत की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से डैम में नहाने से मना किया गया है।
चेतावनियों को ना करें नजरअंदाज
इसके बावजूद कई लोग चेतावनियों को नजरअंदाज कर जोखिम उठाते हैं और डैम में उतर जाते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि बार-बार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
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बरसात के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के दौरान डैमों और जलाशयों में पानी की गहराई का सही अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। कई बार सतह सामान्य दिखाई देती है, लेकिन अंदर गहरे गड्ढे, तेज बहाव या फिसलन जैसी परिस्थितियां मौजूद होती हैं, जो दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
