ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने माहौल को गमगीन कर दिया। गोबिंद सागर झील के मंदली घाट पर पंजाब से दर्शन के लिए निकला एक 24 वर्षीय युवक गहरे पानी में डूब गया।

गोबिंद सागर झील में डूबा युवक

देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। दोस्तों की आंखों के सामने की युवक झील में डूब गया। युवक पंजाब से बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में माथा टेकने के लिए दोस्तों संग आया था। 

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घर से निकला था माथा टेकने

मृतक की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के आकाशदीप के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आकाशदीप बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में माथा टेकने के लिए जा रहा था। रास्ते में वह बीहड़ू होते हुए मंदली घाट पहुंचा, जहां उसने झील के किनारे कुछ देर रुकने का फैसला किया।

हाथ-पांव धोते बिगड़ा बैलेंस

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आकाशदीप झील के किनारे अपने हाथ-पांव धो रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन झील की गहराई और पानी के तेज बहाव के कारण वह कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गया।

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नहीं मिल रहा कोई सुराग

घटना की सूचना मिलते ही बंगाणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। SHO रोहित चौधरी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर शाम तक पुलिस और स्थानीय लोग युवक की तलाश में जुटे रहे, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

आज फिर शुरु होगा रेस्क्यू अभियान

जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता गया, रेस्क्यू अभियान चलाना मुश्किल होता गया। सुरक्षा कारणों से पुलिस को अभियान बीच में ही रोकना पड़ा। हालांकि, प्रशासन ने अगले दिन फिर से बड़े स्तर पर तलाश अभियान चलाने की तैयारी कर ली है।

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तलाश में जुटे गोताखोर

पुलिस ने अब भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के नंगल स्थित केंद्र से विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम को बुलाया है, ताकि झील के गहरे हिस्सों में सघन तलाशी ली जा सके। शनिवार सुबह होते ही दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा, जिसमें आधुनिक उपकरणों की मदद ली जाएगी।

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लोगों को सर्तक रहने की जरूरत

SHO रोहित चौधरी ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि झील के आसपास सुरक्षा के लिहाज से लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। खासकर उन स्थानों पर जहां पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

पूरे इलाके में शोक

इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि धार्मिक यात्रा या पर्यटन के दौरान भी सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

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