ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है] जहां एक परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। जिस पिकअप वाहन को चलाकर व्यक्ति अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, वही वाहन उसकी मौत का कारण बन गया। हादसे में हुई मौत के बाद परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट पड़ा है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। वहीं, दो मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है।
लकड़ी लेकर घर लौट रहा था परिवार का सहारा
मृतक की पहचान बंगाणा उपमंडल के टकारला गांव निवासी 46 वर्षीय अजय कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम अजय कुमार अपनी पिकअप गाड़ी में जंगल से लकड़ी लेकर घर वापस लौट रहे थे। रोजाना की तरह वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार के लिए आजीविका जुटाने निकले थे] लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
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सड़क धंसी और पलट गई पिकअप
जानकारी के अनुसार चौकीमन्यार-कैंट सड़क मार्ग पर पहुंचते ही अचानक सड़क के किनारे की मिट्टी धंस गई। इससे पिकअप का संतुलन बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी ढलान में जा पलटा। हादसा इतना भयावह था कि अजय कुमार वाहन के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकी जान
हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद अजय कुमार को क्षतिग्रस्त वाहन के नीचे से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया। हालांकि, उनकी हालत बेहद गंभीर थी और अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अजय कुमार की मौत के बाद परिवार सदमे में है। वह अपने घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे और उनकी आय पर ही पूरे परिवार का गुजारा चलता था। पीछे पत्नी और दो बेटे रह गए हैं, जिनकी दुनिया एक पल में उजड़ गई। गांव में भी इस दुखद घटना के बाद शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर किसी की आंखें नम हैं।
खराब सड़क व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के किनारे कई जगह कमजोर हो चुके हैं और लगातार धंसाव का खतरा बना रहता है। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
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पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मामले में दुर्घटना का केस दर्ज कर हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
एक हादसा, कई जिंदगियां प्रभावित
यह हादसा केवल एक व्यक्ति की मौत की खबर नहीं है, बल्कि उस परिवार की टूटी हुई उम्मीदों की कहानी भी है, जिसने अपना सहारा खो दिया। अजय कुमार के जाने से जहां पत्नी ने अपना जीवनसाथी खो दिया, वहीं दो बच्चों ने अपने पिता का स्नेह और संरक्षण हमेशा के लिए गंवा दिया।
