#हादसा
August 5, 2026
मणिमहेश यात्रा करने जा रहे थे चार दोस्त : थार पर पहाड़ी से गिरी बड़ी चट्टान, एक की मौ**त
परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है, तीनों दोस्त भी सदमे में हैं
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा-भरमौर मार्ग पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया। मणिमहेश यात्रा के लिए जा रहे श्रद्धालुओं का वाहन अचानक पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आ गया।
इस हादसे में पंजाब के एक श्रद्धालु की जान चली गई। जबकि वाहन में सवार अन्य तीन लोग सुरक्षित बच गए। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब तीन बजे पंजाब के इंदौरा क्षेत्र से चार श्रद्धालु थार वाहन में सवार होकर पवित्र मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना हुए थे। जब उनका वाहन चंबा जिले के मेहला क्षेत्र के पास पहुंचा, तभी ऊपर की पहाड़ी से अचानक एक भारी पत्थर नीचे आ गिरा।

पत्थर इतनी तेज रफ्तार से वाहन पर गिरा कि उसने थार की सनरूफ को तोड़ दिया और सीधे अंदर जा पहुंचा। पत्थर लगने से वाहन में बैठे होशियारपुर जिले के मलियां गांव निवासी 40 वर्षीय माखन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के तुरंत बाद उसके साथियों ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे चंबा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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साथ ही मृतक के परिजनों को हादसे की जानकारी दे दी गई है। पुलिस मामले की औपचारिक जांच भी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार वाहन में कुल चार युवक सवार थे और बाकी तीनों को किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई।

गौरतलब है कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण पहाड़ों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेष रूप से चंबा-भरमौर मार्ग संवेदनशील माना जाता है, जहां बरसात के मौसम में यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
इसी बीच भगवान शिव के प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा का दौर भी शुरू हो रहा है, जिसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें, संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक रूप से वाहन न रोकें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।