#हादसा
August 3, 2026
शिरगुल महाराज के मंदिर में अनहोनी : शिखर स्थापना से पहले ही हुआ राख- गांव में मातम
शिरगुल महाराज के नवनिर्मित मंदिर में लगी आ..ग
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शिमला। जिस मंदिर में कुछ ही सप्ताह बाद धार्मिक अनुष्ठान और शिखर स्थापना की तैयारियां होनी थीं, वहां अब सिर्फ राख और मलबा बचा है। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र में आग की एक भीषण घटना ने ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत और आस्था को गहरा झटका दिया है। 6 साल के सामूहिक प्रयास से तैयार हुआ शिरगुल महाराज का मंदिर देखते ही देखते आग की भेंट चढ़ गया।
चौपाल क्षेत्र की चिंगजार पंचायत के चिऊना लिंगजार गांव में स्थित भगवान शिरगुल महाराज का नवनिर्मित मंदिर भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा लकड़ी का ढांचा राख में बदल गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
ग्रामीणों के अनुसार मंदिर का निर्माण पिछले करीब छह वर्षों से सामूहिक सहयोग और जनसहभागिता से किया जा रहा था। मंदिर का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका था और अब केवल रंग-रोगन तथा बिजली फिटिंग जैसे अंतिम कार्य बाकी थे। आगामी 21 सितंबर को मंदिर में शिखर स्थापना का धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं।
मंदिर के निर्माण में देवदार की लकड़ी, पत्थर और स्लेट का उपयोग किया गया था। आग लगने के बाद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लकड़ी से बने ढांचे में आग तेजी से फैलने के कारण मंदिर को बचाया नहीं जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
ग्रामीणों ने फिलहाल किसी व्यक्ति पर संदेह व्यक्त नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। वहीं, मंदिर के जलने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और ग्रामीण अपनी वर्षों की मेहनत के यूं खत्म हो जाने से बेहद दुखी हैं।