#हादसा
August 5, 2026
हिमाचल में चलती बस के अचानक खुले दो टायर, यात्रियों की अटकी सांसे; मची चीख-पुकार
बस में करीब 25 यात्र थे सवार, मची अफरा-तफरी
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के औट-बंजार राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर मंगलवार शाम एक ऐसी घटना सामने आई- जिसने कुछ पलों के लिए यात्रियों की सांसें थाम दीं। सामान्य रफ्तार से चल रही एक निजी बस अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गई।
बस में बैठे यात्रियों को पहले तो कुछ समझ नहीं आया, लेकिन अगले ही पल अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि चालक ने घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, जिससे एक संभावित बड़ा सड़क हादसा टल गया और बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम चवाली माता के समीप औट-बंजार राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर एक निजी बस अपने निर्धारित रूट पर जा रही थी। बस में करीब 20 से 25 यात्री सवार थे। इसी दौरान बस के पीछे के दोनों टायर अचानक निकल गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बस में बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई।

कई यात्री घबरा गए और बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। हालांकि चालक ने स्थिति को समझते हुए बिना घबराए बस पर नियंत्रण बनाए रखा। उसने वाहन को धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया। चालक की सतर्कता और अनुभव के कारण बस अनियंत्रित नहीं हुई और बड़ा हादसा होने से बच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि बस तेज रफ्तार में होती या चालक समय रहते वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाता, तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। पहाड़ी सड़क होने के कारण दुर्घटना की आशंका और भी अधिक थी। लेकिन चालक ने संयम बनाए रखा और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बस को सुरक्षित रोक दिया।
घटना के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने चालक की सूझबूझ की सराहना की।
बस सड़क पर ही खड़ी रह जाने के कारण औट-बंजार NH-305 पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि छोटे वाहन सावधानी के साथ बस के किनारे से निकलते रहे, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही।
बाद में संबंधित लोगों की मदद से बस को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों के नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच की आवश्यकता को भी उजागर कर दिया।