शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह कहर बरपाने लगा है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बीच सोमवार को शिमला जिले के ठियोग में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्रेमघाट बाईपास सड़क पर अचानक पहाड़ी दरक गई और भारी मात्रा में पत्थर व मलबा सड़क किनारे खड़ी एक कार पर आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि हादसे के समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
अचानक दरकी पहाड़ी, चंद सेकेंड में मलबे में दब गई कार
जानकारी के अनुसार ठियोग के प्रेमघाट बाईपास मार्ग पर सुबह अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नीचे आ गिरा। सड़क किनारे खड़ी मारुति सुजुकी ऑल्टो कार इसकी सीधी चपेट में आ गई। तेज धमाके के साथ गिरे पत्थरों ने कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के अनुसार हादसे के समय कार के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। सड़क पर यातायात प्रभावित नहीं हुआ, जबकि सड़क पर गिरे मलबे को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को तुरंत सूचना दे दी गई। पुलिस भी पूरे क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है।
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फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने मचाई तबाही
उधर कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। सबसे बड़ा नुकसान पंचायत बारी के पांकवा गांव में देखने को मिला, जहां पहाड़ी से आया भारी मलबा सरकारी प्राथमिक स्कूल भवन पर गिर गया। वर्ष 1993 में बना यह स्कूल भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अब उपयोग के योग्य नहीं रहा। राहत की बात यह रही कि घटना रात के समय हुई, जिसके कारण स्कूल में कोई मौजूद नहीं था और जनहानि टल गई।
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500 से अधिक सेब के पौधे तबाह
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड ने क्षेत्र के बागवानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 500 से अधिक सेब के पौधे नष्ट हो गए हैं। कई गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि कई परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कुछ मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। एहतियात के तौर पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई लोगों ने पूरी रात अपने घरों की बजाय सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में बिताई।
बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता
प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, नालों का उफान और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की अपील कर रहा है।
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हिमाचल में अभी कई दिन और खराब रहेगा मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 3 अगस्त से 9 अगस्त तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा मंडी, चंबा, सोलन और कांगड़ा सहित कई जिलों में भी अलग-अलग दिनों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
