#यूटिलिटी
September 16, 2026
हिमाचल की जनता को बड़ी राहत... अब घर बैठे मिलेंगी 41 खास सुविधाएं, जानें कब से
कामगार खुद तय करेंगे सेवा का शुल्क
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शिमला। राजधानी शिमला के लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सेवाएं लेना अब आसान होने जा रहा है। नगर निगम शिमला जल्द ही ‘घर द्वार जन सुविधा’ एप शुरू करने की तैयारी में है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए शहरवासी घर बैठे प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, टैक्सी चालक, ब्यूटीशियन, पेंटर, वेल्डर और अन्य स्थानीय सेवा प्रदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। एप को तैयार किया जा चुका है और अक्तूबर 2026 से इसे आम लोगों के लिए शुरू करने की योजना है।
यह सुविधा नगर निगम के सिटी लाइवलीहुड सेंटर यानी CLC के तहत उपलब्ध करवाई जाएगी। इसका उद्देश्य शहरवासियों को स्थानीय कुशल कामगारों तक आसानी से पहुंच उपलब्ध करवाने के साथ-साथ इन कामगारों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। नगर निगम की योजना के अनुसार शुरुआती चरण में एप पर करीब 41 प्रकार की सेवाओं को जोड़ा जाएगा। इनमें घरों में रोजाना जरूरत पड़ने वाले कई काम शामिल हैं।
लोग एप के माध्यम से प्लंबर, बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, माली, घरेलू सहायिका, दर्जी, ड्राइवर, कुक, पेंटर और वेल्डर जैसी सेवाओं के लिए स्थानीय कामगारों से संपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा टिफिन सर्विस, टैक्सी सेवा, ब्यूटीशियन और लेबर ठेकेदार भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े होंगे। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत के लिए भी विकल्प उपलब्ध होंगे। इनमें वॉशिंग मशीन, फ्रिज और टीवी रिपेयर जैसी सेवाएं शामिल हैं।
नगर निगम ने एप पर सेवा देने वाले कुशल कामगारों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण शुरू कर दिया है। इच्छुक लोग 30 सितंबर 2026 तक बिना किसी शुल्क के अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए नगर निगम के आईटी सेल या संबंधित वार्ड कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
इसके लिए आवेदक को पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी उपलब्ध करवानी होगी। नगर निगम का कहना है कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित कामगारों और सेवा प्रदाताओं के संपर्क नंबर एप पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
इस व्यवस्था में सेवा की कीमत को लेकर भी नगर निगम ने अपनी भूमिका स्पष्ट की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कामगार स्वयं अपनी सेवा का शुल्क तय करेंगे और नगर निगम उस शुल्क को नियंत्रित नहीं करेगा। लोग अपनी जरूरत के अनुसार एप पर उपलब्ध सेवा प्रदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। काम पूरा होने के बाद भुगतान नगर निगम के पोर्टल के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसमें निर्धारित हिस्सा नगर निगम के खाते में जाएगा।
एप की एक खास व्यवस्था सेवा प्रदाताओं की रेटिंग होगी। लोगों की ओर से दी गई प्रतिक्रिया के आधार पर कामगारों की सेवा और शुल्क से संबंधित रेटिंग तैयार की जाएगी। एप पर कामगार की रेटिंग दिखाई जाएगी, जिससे किसी सेवा को बुक करने से पहले ग्राहक को संबंधित सेवा प्रदाता के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इससे सेवा की गुणवत्ता को लेकर फीडबैक की व्यवस्था भी तैयार होगी।
नगर निगम की इस पहल का एक उद्देश्य केवल लोगों को सुविधा देना ही नहीं, बल्कि स्थानीय कुशल कामगारों को ग्राहकों से जोड़ना भी है। शिमला जैसे शहर में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, ड्राइवर, मिस्त्री और अन्य कामगारों की सेवाओं की जरूरत लगातार रहती है। एप के जरिए इन सेवा प्रदाताओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है। इससे लोगों को अलग-अलग जगहों पर कामगार तलाशने की जरूरत कम हो सकती है और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कुशल लोगों तक सीधे पहुंच बनाई जा सकेगी।
नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान के अनुसार, शहरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘घर द्वार जन सुविधा’ एप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सेवा प्रदाताओं और कामगारों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसे 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम की योजना के मुताबिक, पंजीकरण के बाद अक्तूबर से आम लोगों को एप के जरिए सेवाएं उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।