कुल्लू। सितंबर के बीच हिमाचल की ऊंची पहाड़ियों ने सर्दी की दस्तक दे दी है। वीरवार सुबह कुल्लू और लाहौल-स्पीति में मौसम ने अचानक करवट बदली। घाटी के निचले इलाकों में बारिश ने लोगों को भिगोया, तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ के फाहे गिरने लगे। कुछ ही घंटों में रोहतांग दर्रा समेत कई ऊंचे इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए।
रोहतांग से कुंजम तक बदली पहाड़ों की तस्वीर
रोहतांग दर्रा, बारालाचा, शिंकुला और कुंजम दर्रे के आसपास ताजा बर्फबारी हुई है। ऊंचाई वाले इलाकों में करीब 5 से 10 सेंटीमीटर तक नई बर्फ दर्ज की गई। बर्फबारी के बाद इन क्षेत्रों के तापमान में भी गिरावट आई है। पहाड़ों पर बदले मौसम ने सितंबर में ही सर्दियों जैसा एहसास करा दिया है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में मौसम बदलाव : कई इलाकों में सुबह-सुबह छाया अंधेरा, 6 जिलों में बारिश
कुल्लू घाटी में बर्फबारी
वहीं कुल्लू घाटी के निचले हिस्सों में सुबह से बारिश का दौर शुरू हो गया। बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई और कई जगह आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बारिश के बाद मौसम में आई ठंडक से राहत मिली है।
बागवानों के लिए मौसम बना चिंता का कारण
मौसम का यह बदलाव बागवानों के लिए राहत के साथ चिंता भी लेकर आया है। कुल्लू घाटी में इस समय सेब और अन्य फलों से जुड़े कई काम चल रहे हैं। ऐसे में बारिश और तापमान में अचानक बदलाव का असर फसल की गुणवत्ता और बागवानी गतिविधियों पर पड़ने की आशंका रहती है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में BJP विधायक के बयान से सियासी हलचल, बोले- सांसदों में दम नहीं; CM को सराहा
कई सड़कें हुई प्रभावित
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण दर्रों की सड़कें भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी रोहतांग, बारालाचा, शिंकुला और कुंजम जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों का रुख करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।
पहाड़ों पर बदला मौसम का मिजाज
कुल्लू और लाहौल-स्पीति में मौसम के इस बदलाव ने फिलहाल पहाड़ों का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। निचली घाटियों में बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी ने सितंबर में ही सर्दियों की आहट सुना दी है।
