शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

भारी बारिश की चेतावनी

लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़कें बंद होने और नालों-खड्डों का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

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आज कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 19 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं चंबा, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

कल 7 जिलों में रेड अलर्ट

20 जुलाई को मौसम और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने मंडी, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर और ऊना जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू और बिलासपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है।

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बाढ़, भूस्खलन का खतरा

लगातार बारिश के कारण प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और चट्टानें गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। नालों और खड्डों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में खतरा पैदा हो सकता है।

सड़कें बंद होने से परेशानी

निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने और कई सड़कों के बंद होने की भी आशंका जताई गई है। तेज बारिश के दौरान पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं, जिससे बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासनों को भी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

लोगों और पर्यटकों के लिए अहम सलाह

प्रशासन ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। नदी, नालों और खड्डों के किनारे जाने से बचें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। यदि यात्रा करना जरूरी हो तो पहले मौसम और सड़कों की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें। खराब मौसम के दौरान किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।

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