हमीरपुर। त्योहारी सीजन के बीच हिमाचल प्रदेश में राशन कार्ड धारकों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, सुक्खू सरकार कुछ उपभोक्ताओं के राशन कार्ड बंद करने जा रही है। राशन कार्ड बंद होने से लोगों को सरकारी राशन डिपुओं से सस्ता राशन नहीं मिलेगा।
सुक्खू सरकार बंद करने जा रही कई राशन कार्ड
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग अब उन राशन कार्डों की जांच करने जा रहा है- जिनका लंबे समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत इस्तेमाल नहीं हुआ है। विभाग ने ऐसे कार्डों का रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल मर्ड**र केस में ट्विस्ट : भाई-भाभी जेल में बंद, पुलिस को जिंदा मिला मदन
किन लोगों के राशन कार्ड होंगे बंद?
शुरुआती तौर पर लगातार छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले राशन कार्डों की पड़ताल की जाएगी और जरूरत के अनुसार उन्हें अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। हालांकि, पात्र उपभोक्ताओं को अपना पक्ष रखने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का मौका भी दिया जाएगा।
क्यों बंद हो रहे राशन कार्ड?
विभाग की ओर से जिले के खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षकों को उचित मूल्य की दुकानों यानी राशन डिपो से ऐसे कार्ड धारकों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं- जिन्होंने पिछले छह महीनों में राशन नहीं लिया है। इसके बाद इन कार्डों की स्थिति की जांच की जाएगी।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी राहत : नई नौकरी में नहीं कम होगा वेतन
परिवार का रिकॉर्ड होगा चेक
इस कवायद के पीछे विभाग का उद्देश्य PDS व्यवस्था में वास्तविक लाभार्थियों का रिकॉर्ड दुरुस्त करना और लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रहे कार्डों की स्थिति स्पष्ट करना है। विभाग यह भी जांच करेगा कि किसी व्यक्ति या परिवार का रिकॉर्ड एक से अधिक स्थानों पर तो दर्ज नहीं है।
आधार से होगा रिकॉर्ड का मिलान
राशन कार्डों की जांच के दौरान आधार आधारित क्रॉस-मैचिंग की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। इसके माध्यम से ऐसे लाभार्थियों की पहचान करने का प्रयास होगा, जिनका नाम एक से अधिक जगह राशन व्यवस्था में दर्ज है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के होटल में लड़की को 1 महीने बंधक बनाया, बार-बार लूटी इज्ज*त; पुलिस पर भी आरोप
डुप्लीकेट रिकॉर्ड सामने आने की उम्मीद
इस प्रक्रिया से डुप्लीकेट रिकॉर्ड सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, किसी लाभार्थी का राशन कार्ड सीधे स्थायी रूप से खत्म नहीं किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति को अपनी पात्रता साबित करने और रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने के लिए निर्धारित समय दिया जाएगा।
90 दिन में पूरी करनी होगी जरूरी प्रक्रिया
यदि किसी कार्ड को जांच के बाद अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जाता है, तो संबंधित लाभार्थी को 90 दिन का अवसर दिया जाएगा। इस दौरान वह अपनी ई-केवाईसी पूरी करवाने के साथ क्षेत्रीय सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी करवा सकता है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में 10 करोड़ की ठगी- पैसे लेकर नेपाल भागा शातिर, बड़े लोगों को लगाया चूना
लापरवाही ना बरतें
अगर जांच के बाद लाभार्थी पात्र पाया जाता है तो उसका राशन कार्ड दोबारा सक्रिय कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ जारी रखा जाएगा। इसलिए विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने राशन कार्ड की स्थिति को लेकर लापरवाही न बरतें।
मोबाइल पर आएगा SMS
राशन कार्ड या लाभार्थी को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किए जाने की स्थिति में इसकी सूचना राशन कार्ड मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने का मौका मिलेगा। विभाग ने राशन कार्ड धारकों से अपनी e-kyc और अन्य जरूरी औपचारिकताएं समय पर पूरी करने को कहा है- ताकि पात्र परिवार किसी तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी वजह से राशन के लाभ से वंचित न हों।
यह भी पढ़ें : गजब फैसला : हिमाचल की पंचायतें हर परिवार से वसूलेगी 1200 रुपये, शर्त न मानने पर...
हमीरपुर में करीब डेढ़ लाख कार्ड धारक
हमीरपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करीब 320 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन डिपो के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख राशन कार्ड धारकों को निर्धारित दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है।
लंबे समय से नहीं इस्तेमाल किए राशन कार्ड
विभाग के अनुसार लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाले राशन कार्डों की पहचान और रिकॉर्ड का सत्यापन करने का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि पीडीएस का लाभ उन्हीं लोगों तक पहुंचे जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
यह भी पढ़ें : 17 साल बाद CU के फिरेंगे अच्छे दिन, सांसद अनुराग ठाकुर दीवाली पर देंगे बड़ा तोहफा
राशन नहीं लेने वालों का रिकॉर्ड
जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हमीरपुर आंचल ने बताया कि लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले कार्डों का रिकॉर्ड जुटाकर उनकी जांच की जाएगी। पात्र लाभार्थियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाएगा।
