ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को अस्पताल परिसर में हुए हंगामे के बाद शनिवार को भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। टांडा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृतका रीना देवी का शव ऊना के लालबत्ती चौक पहुंचा, परिजनों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा। गम और गुस्से से भरे परिजनों ने बीच सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और संबंधित महिला चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

 

प्रदर्शन के चलते ऊना-हमीरपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को शांत करने तथा हालात संभालने में जुटे रहे। खबर लिखे जाने तक परिजन सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे और मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे।

 

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शव पहुंचते ही लालबत्ती चौक पर प्रदर्शन

शनिवार को रीना देवी का शव ऊना पहुंचने के बाद मामले ने फिर गंभीर रूप ले लिया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के दौरान कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। वे संबंधित महिला चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

 

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परिजनों के विरोध के कारण शहर के प्रमुख मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय मिलने की दिशा में ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं देती, तब तक उनका रोष बना रहेगा।

प्रसव के दौरान हुई थी महिला और नवजात की मौत

यह मामला शुक्रवार सुबह क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में सामने आया था। जानकारी के अनुसार, अस्पताल में प्रसव के दौरान 33 वर्षीय रीना देवी और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। मृतका की पहचान रीना देवी, पत्नी राजीव कुमार, निवासी अरनियाला के रूप में हुई है।

 

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घटना की सूचना मिलते ही महिला के परिजन अस्पताल पहुंच गए। जच्चा-बच्चा की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने अस्पताल में उपचार और प्रसव की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए तथा संबंधित चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मृतका के पति ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बताया गया था कि रीना देवी की सामान्य प्रसव प्रक्रिया के जरिए डिलीवरी हो जाएगी। हालांकि, प्रसव के दौरान महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई। मृतका के पति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

 

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महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

घटना के बाद परिजन संबंधित महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। अस्पताल परिसर में जुटे लोगों ने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक की कथित लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई है। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने और संबंधित चिकित्सक की गिरफ्तारी की मांग उठाई। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।

 

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छह घंटे तक अस्पताल में बना रहा तनावपूर्ण माहौल

शुक्रवार को घटना के बाद अस्पताल में सुबह करीब 10:30 बजे से परिजनों का विरोध शुरू हुआ, जो शाम करीब 4:30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी की और तोड़फोड़ भी की। हालात बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान परिजन जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटनास्थल पर तनाव के बीच एक महिला के चक्कर आने के बाद जमीन पर गिरने की भी जानकारी सामने आई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

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एसडीएम और एएसपी ने लिया हालात का जायजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एएसपी ऊना अजय राणा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे थे। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और परिजनों की शिकायतों के बारे में जानकारी ली। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। अस्पताल की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजे जाने की जानकारी दी गई है। अब मामले में पुलिस की जांच और अस्पताल की आंतरिक जांच के निष्कर्ष अहम होंगे।

निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग

रीना देवी और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान लापरवाही बरती गई, जबकि इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। परिवार चाहता है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो, उपचार से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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