#राजनीति
October 10, 2026
कांग्रेस के आंदोलन से घबरा गई मोदी सरकार, बंद कर दिए इंटरनेट-रेलवे स्टेशन; सीएम सुक्खू ने उठाए सवाल
सीएम सुक्खू बोले- विरोध करने वालों की आवाज ना दबाए केंद्र, शिकायतों का जवाब दे
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है और देश में लोकतंत्र का गला घोंटने तथा आम लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस के आंदोलन से घबराकर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठा रही है। सुक्खू ने सवाल उठाया कि अगर सरकार को अपने फैसलों पर भरोसा हैए तो उसे विरोध करने वालों की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।
मुख्यमंत्री दिल्ली में कांग्रेस की ओर से वोट चोरी के मुद्दे पर चलाए जा रहे आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति को दबाना किसी भी तरह उचित नहीं है। सुक्खू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के आगामी प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है और इसी कारण इंटरनेट तथा रेलवे स्टेशनों को बंद करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन प्रतिबंधों के पीछे सरकार की ओर से बताए गए कारणों पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन जनता की आवाज उठाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जब लोगों को लगता है कि उनके अधिकारों पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आंदोलनकारियों की बात सुनने के बजाय प्रतिबंधों के जरिए उनकी आवाज को सीमित करने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस की ओर से वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस मुद्दे पर पार्टी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद है। संविधान ने नागरिकों को अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार दिया है और इस अधिकार की निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान होना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करेगी और वह स्वयं भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। बीते दो दिनों से वह दिल्ली में पार्टी के आंदोलन में भाग ले रहे थे। कांग्रेस का कहना है कि वोट चोरी से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है। सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। किसी भी सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि जनता को सवाल पूछने और अपनी असहमति जाहिर करने का अधिकार है। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
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मुख्यमंत्री ने युवाओं की भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं, तो युवा अपनी चिंताएं जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतरते हैं। ऐसे समय में सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए उचित अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की आवाज को दबाने के बजाय उन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, जिनके कारण विरोध की स्थिति पैदा हुई है। सुक्खू के मुताबिक, लोकतंत्र की मजबूती इस बात में है कि सरकार असहमति को स्वीकार करे और जनता की शिकायतों पर जवाबदेही दिखाए।
सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन होते रहते हैं। उनकी सरकार ने लोगों को अपनी बात रखने से रोकने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति के लिए जगह होना जरूरी है और सरकारों को प्रदर्शन के पीछे उठाए जा रहे मुद्दों पर विचार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस के नेता संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक मुद्दों पर जनता को जागरूक करना जरूरी है, लेकिन अंततः चुनाव में मतदाता ही अपना फैसला सुनाते हैं।