धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा उफान पर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर nh gSA कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का कमल थामने वाले सुधीर शर्मा पर हुई इस बड़ी कार्रवाई को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के बाद अब सुधीर शर्मा के खिलाफ हुई इस कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
300 भू-रजिस्ट्रियों का जिन्न निकला बाहर
विजिलेंस ब्यूरो ने धर्मशाला तहसील से रक्कड़ क्षेत्र के एक व्यक्ति के नाम दर्ज करीब 300 भूमि रजिस्ट्रीयों को अपने कब्जे में लेकर जांच के दायरे में ला खड़ा किया है। जांच एजेंसियां अब वर्ष 2007 से लेकर अब तक के तमाम संपत्ति सौदों, धन के लेन-देन, बैंक खातों और निवेश की टाइमलाइन खंगाल रही हैं। लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि यह केवल एक तकनीकी जांच नहीं, बल्कि प्रभावी राजनीतिक घराने की नींव हिलाने की रणनीति का हिस्सा है।
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विजिलेंस ने दर्ज की एफआईआर
दरअसल विजिलेंस ने धर्मशाला थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्टों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। अब जांच एजेंसी विधायक की आय और संपत्तियों के बीच कथित असमानता की हर स्तर पर पड़ताल करेगी।
बैंक खातों के अलावा चल अचल संपत्तियों की होगी जांच
जांच के दौरान एजेंसी का मुख्य फोकस विधायक की चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण की समयावधि, धन के स्रोत, बैंकिंग लेन-देन, निवेश, आयकर अभिलेखों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों के सत्यापन पर रहेगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों, वित्तीय संस्थानों और अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है। विजिलेंस का कहना है कि जांच पूरी तरह उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
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300 भूमि रजिस्ट्रियां भी जांच के घेरे में
इस पूरे मामले के साथ धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों की जांच भी तेज कर दी गई है। विजिलेंस ने एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्ज करीब 300 भूमि रजिस्ट्रियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया है। इन रजिस्ट्रियों के दस्तावेज राजस्व विभाग से प्राप्त किए गए हैं और अब उनका राजस्व रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य अभिलेखों से मिलान किया जा रहा है। जांच का दायरा वर्ष 2007 से अब तक हुए भूमि सौदों तक फैला हुआ है।
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कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए थे सुधीर शर्मा
धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा कुछ समय पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। राजनीतिक तौर पर उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का सबसे मुखर और कट्टर विरोधी नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में उनके खिलाफ विजिलेंस की इस कार्रवाई ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देख रहा है, जबकि सरकार और जांच एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जा रही है।
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दिल्ली दौरे पर विधायक, लौटने के बाद देंगे जवाब
विधायक सुधीर शर्मा के कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार वह इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं। उनके लौटने के बाद इस पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की जाएगी। कार्यालय की ओर से फिलहाल इतना कहा गया है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और विधायक उचित समय पर अपना पक्ष सार्वजनिक करेंगे।
इस बीच सुधीर शर्मा ने अपने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें सरकार और कुछ निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
