बिलासपुर/मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान लोकतंत्र का उत्सव पूरे जोश और उत्साह के साथ देखने को मिला। पहाड़ों में बारिश और खराब मौसम के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। गांव-गांव में लोग छाते और बरसाती लेकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस बीच देश के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भी लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए अपने गृह क्षेत्र पहुंचे और परिवार सहित मतदान कर लोगों को मतदान के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
जेपी नड्डा ने परिवार संग डाला वोट
पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने गृह जिला बिलासपुर की विजयपुर पंचायत पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ मतदान केंद्र में पहुंचकर वोट डाला और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
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मतदान के बाद उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की नींव होती हैं और सही जनप्रतिनिधियों का चुनाव गांवों के भविष्य को तय करता है।
बारिश के बीच भी दिखा मतदाताओं का जोश
बिलासपुर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मतदान के दौरान बारिश का दौर जारी रहा, लेकिन मौसम मतदाताओं के उत्साह को कम नहीं कर पाया। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लोगों की कतारें देखने को मिलीं। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे।
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कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बारिश की परवाह किए बिना मतदान केंद्रों में पहुंचे और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी दर्ज करवाई। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का उत्साह यह साबित कर रहा था कि हिमाचल के लोगों में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरा विश्वास है।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी किया मतदान
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी अपने गृह क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुरहाग में मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने प्रदेश के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और गांवों की दिशा एवं दशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पंचायत स्तर पर चुने जाने वाले प्रतिनिधि स्थानीय विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, इसलिए मतदाताओं को सोच-समझकर अपने प्रतिनिधियों का चयन करना चाहिए।
पिंक बूथ पर मुख्यमंत्री की माता ने किया मतदान
इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की 88 वर्षीय माता संसारदेई ने भी ग्राम पंचायत अमलैहड़ के भवड़ां स्थित पिंक बूथ में मतदान किया। इस मतदान केंद्र की विशेषता यह रही कि यहां पूरी चुनावी प्रक्रिया महिला अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा संचालित की गई। संसारदेई ने मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाई और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणा का संदेश दिया।
लोकतंत्र के पर्व में हर वर्ग की भागीदारी
प्रदेशभर में पंचायत चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने जहां अपने पहले वोट को लेकर उत्साह दिखाया, वहीं बुजुर्गों ने भी मतदान केंद्रों तक पहुंचकर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था जताई। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही और कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें दिखाई दीं।
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बारिश और खराब मौसम के बावजूद मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि हिमाचल का मतदाता अपने अधिकार और कर्तव्य दोनों के प्रति पूरी तरह जागरूक है। लोकतंत्र के इस महापर्व में लोगों की सक्रिय भागीदारी प्रदेश के मजबूत लोकतांत्रिक ढांचे की तस्वीर पेश कर रही है।
