मंडी। हिमाचल प्रदेश की राजनीति इन दिनों पूरी तरह गरमाई हुई है। एक ओर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार सुक्खू सरकार पर हमलावर हैं, तो दूसरी ओर उनके ताजा बयानों ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी कुर्सी बचाने और पार्टी हाईकमान को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री अपने ही मंत्रियों का अपमान करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।
अपने सहयोगियों की भी नहीं सुनते सीएम सुक्खू
उन्होंने शिक्षा मंत्री को द्रंग क्षेत्र के देऊरी स्कूल में उद्घाटन कार्यक्रम से रोके जाने के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह किसी भी चुने हुए जनप्रतिनिधि का खुला अपमान है। जयराम ने यहां तक कह दिया कि यदि किसी मंत्री को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े तो उसे पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू के कामकाज से जनता ही नहीं बल्कि उनके अपने मंत्री और विधायक भी हताश व निराश हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री न तो उप मुख्यमंत्री की सुनते हैं और न ही मंत्रिमंडल के सहयोगियों की।
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द्रंग में जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन से साधा सरकार पर निशाना
मंडी के विपाशा सदन में द्रंग विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे जयराम ठाकुर ने मंच से कांग्रेस सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। इस दौरान नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया और 17 लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जबकि प्रदेश सरकार ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया।
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"जनता ने कांग्रेस के खिलाफ दिया संदेश"
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि हालिया पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत जनप्रतिनिधि भाजपा समर्थित जीतकर आए हैं, जो सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी को दर्शाता है। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जनता का भरोसा उससे कम होता जा रहा है और लोग भाजपा की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री बहुमत से डरे हुए हैं : जयराम
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर हमला जारी रखते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा कानून का सहारा लेकर कई स्थानों पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद भी कई जनप्रतिनिधियों को लंबे समय तक शपथ नहीं दिलाई गई, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बहुमत से घबराए हुए हैं और जनादेश को प्रभावित करने के लिए सत्ता और संसाधनों का इस्तेमाल कर विपक्ष समर्थित जनप्रतिनिधियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है।
मंडी और अन्य जिलों की अनदेखी का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे बड़े जिलों की उपेक्षा की है। उनके अनुसार प्रदेश के कई विकास कार्य ठप पड़े हैं, जबकि सरकारी संसाधनों का अधिकतर उपयोग कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित होकर रह गया है। उन्होंने दावा किया कि मंडी जिले में भाजपा को स्थानीय निकाय चुनावों में व्यापक जनसमर्थन मिला है और आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी और मजबूत होकर उभरेगी।
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2027 के चुनावों पर भी साधा निशाना
भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रदेश में मजबूत स्थिति में है और आने वाले समय में जनता का समर्थन पार्टी के पक्ष में और बढ़ेगा। उन्होंने द्रंग और सराज क्षेत्र को अपना परिवार बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और भविष्य में विकास कार्यों को और गति दी जाएगी।
