सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में आस्था, एकता और भाईचारे की अनोखी मिसाल देखने को मिली है। चालदा महासू महाराज के आशीर्वाद के साथ ग्रामीणों ने आपसी सहमति से पंच-प्रधान को निर्विरोध चुन लिया। गांव में बिना किसी विवाद के हुए इस फैसले की अब पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
33 ग्राम पंचायतें चुनी गई निर्विरोध
जनवरी 2021 के पंचायत चुनावों में भी हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक 33 ग्राम पंचायतें सिरमौर जिला में निर्विरोध चुनी गई थीं। अब एक बार फिर शिलाई विधानसभा क्षेत्र की द्राबिल पंचायत ने सर्वसम्मति से पंचायत चुनकर पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश दिया है।
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सर्वसम्मति से चुन लिया पंचायत पैनल
जानकारी के अनुसार द्राबिल पंचायत के महासू महाराज मंदिर प्रांगण में सभी ग्रामीणों की एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में पंचायत के हर वर्ग और गांव के लोगों ने हिस्सा लिया। लंबे विचार-विमर्श और आपसी सहमति के बाद पूरे पंचायत पैनल को सर्वसम्मति से चुन लिया गया। ग्रामीणों ने यह निर्णय आपसी भाईचारे, गांव के विकास और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लिया।
महासू महाराज के आगमन में गांव के लोगों ने लिया संकल्प
बताया जा रहा है कि जब चालदा महासू महाराज उत्तराखंड से हिमाचल प्रवास पर सिरमौर पहुंचे थे, तब उनका पहला पड़ाव द्राबिल गांव में हुआ था। महासू महाराज के आगमन से गांव में धार्मिक और सामाजिक माहौल बना रहा। इसी दौरान ग्रामीणों ने आपसी सहमति से पंचायत चुनने का संकल्प लिया था।
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गांव वालों ने आपसी सहमति से चुनी पंचायत
द्राबिल पंचायत के पूर्व प्रधान मदन शर्मा ने बताया कि पूरे गांव के लोगों ने महासू महाराज के आशीर्वाद और आपसी सहयोग से बिना किसी विवाद के पंचायत का पूरा पैनल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने राजनीति से ऊपर उठकर विकास और एकता को प्राथमिकता दी है। यही वजह रही कि पंचायत चुनाव को लेकर किसी प्रकार का विरोध या मतभेद देखने को नहीं मिला।
जानें किस पद पर कौन ?
उन्होंने बताया कि पंचायत के सर्वसम्मति से चुने गए पैनल की जानकारी 15 मई को खंड विकास अधिकारी शिलाई को औपचारिक रूप से दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत का निर्विरोध चुना जाना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। नवनियुक्त पंचायत प्रतिनिधियों में दया देवी को पंचायत प्रधान चुना गया है, जबकि गंगाराम को उपप्रधान पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पंचायत के अन्य सदस्यों पर भी ग्रामीणों ने सहमति जताई है।
