शिमला। हिमाचल प्रदेश के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर BJP की पूर्व सरकार पर जमकर निशाना साधा है। बुधवार को फेसबुक वीडियो के ज़रिए सीएम ने कहा कि यह प्रदेश की जनता की संपदा है, जिसका पहले दोहन हुआ, अब हम उसे बचा रहे हैं। पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल मच गई है।
पिछली सरकार ने जो नहीं किया वो हमने कर दिखाया
CM सुक्खू दावा किया कि उनकी सरकार ने वो फैसले लिए हैं, जिन्हें लेने की हिम्मत पिछली सरकार नहीं जुटा पाई। सीएम सुक्खू ने बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) को लेकर भाजपा को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी की हिम्मत थी ये कहने की कि जब तक हिमाचल की हिस्सेदारी का एफिडेविट नहीं मिलेगा, तब तक पानी नहीं देंगे? उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में बड़े से बड़े वकीलों को खड़ा कर यह लड़ाई लड़ी जा रही है।
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23 साल से एक पैसा नहीं मिला
CM ने कहा कि वाइल्ड फ्लॉवर हॉल जैसी बेशकीमती संपत्ति पर 23 साल तक हिमाचल को एक भी पैसा नहीं मिला। अब पौने दो करोड़ रुपये मासिक राजस्व मिल रहा है। उन्होंने इसे जनता की जीत बताया।
डबल इंजन था, लेकिन एक इंजन साइलेंस में था
सुक्खू ने तीखे शब्दों में कहा कि पिछली बार डबल इंजन की सरकार थी, लेकिन जयराम ठाकुर का इंजन साइलेंस में था। हुक्म कहीं और से आता था और हिमाचल की आवाज़ कहीं सुनाई नहीं देती थी।
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शराब ठेकों से 500 करोड़ की बढ़ोतरी
CM सुक्खू ने बताया कि पुरानी सरकार के समय जितने भी ठेकेदार थे, वे सभी ठेके रिन्यू कराने के लिए उनके पास आए थे। उन्होंने कहा कि शराब ठेकों से 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व बढ़ाया गया है और यह पैसा अब जनकल्याण में लगाया जा रहा है।
धौलासिद्ध, लूहरी, सुन्नी परियोजनाएं मुफ्त क्यों?
CM सुक्खू ने ये भी पूछा कि क्या किसी ने पिछली सरकार से यह सवाल किया कि धौलासिद्ध, लूहरी और सुन्नी जैसी बड़ी परियोजनाएं मुफ्त में क्यों बांटी गईं? उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अब हिमाचल की हर जल, जमीन और राजस्व की रक्षा कर रही है।
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निजी लाभ के लिए नहीं लड़ रहे
सीएम सुक्खू ने कहा कि वह किसी निजी लाभ के लिए यह लड़ाई नहीं लड़ रहे। मेरी कोई निजी संपत्ति नहीं है। अगर मेरा स्वार्थ होता तो मैं 5 साल का कार्यकाल निकालकर चला जाता। मैं नीतिगत फैसले आज का नहीं, आने वाले भविष्य का सोचकर ले रहा हूं।
