शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण में शनिवार को लोकतंत्र का उत्सव पूरे उत्साह और जोश के साथ संपन्न हो गया। प्रदेश की 1,189 ग्राम पंचायतों में सुबह 7 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शाम 6 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में 80 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतंत्र के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।अब मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेशभर की पंचायतों में मतगणना का दौर शुरू हो चुका है और कई क्षेत्रों से चुनाव परिणाम भी सामने आने लगे हैं। आने वाले घंटों में अधिकांश पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों की तस्वीर साफ हो जाएगी।
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सुबह से ही मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़
तीसरे चरण के चुनाव में सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही कई मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई थीं। युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने अपने दैनिक कार्यों को छोड़कर मतदान को प्राथमिकता दी और बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
बारिश भी नहीं रोक पाई मतदाताओं का उत्साह
कई इलाकों में मौसम ने करवट बदली और बारिश का दौर भी देखने को मिला, लेकिन इसका मतदान प्रतिशत पर कोई खास असर नहीं पड़ा। खराब मौसम के बावजूद लोग छाते और बरसाती लेकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे और लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। मतदाताओं का उत्साह पूरे दिन बना रहा, जिसके चलते मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ता गया।
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हर वर्ग ने निभाई लोकतांत्रिक जिम्मेदारी
पंचायत चुनाव में युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों का उत्साह भी देखने लायक रहा। कई स्थानों पर वरिष्ठ नागरिकों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद मतदान केंद्रों तक पहुंचकर वोट डाला। बिलासपुर जिला के झंडूता क्षेत्र में तो एक चलने-फिरने में असमर्थ व्यक्ति को ग्रामीण पालकी में उठाकर मतदान केंद्र तक ले गए, ताकि वह भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। यह दृश्य पूरे चुनाव के दौरान लोकतंत्र के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।
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कल होगी बीडीसी और जिला परिषद मतों की गणना
पंचायत स्तर के पदों की मतगणना जहां शनिवार को ही की जा रही है, वहीं पंचायत समिति (बीडीसी) और जिला परिषद सदस्यों के लिए डाले गए मतों की गिनती रविवार को होगी।
इन परिणामों पर भी राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव ग्रामीण राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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इनके सिर सजा प्रधानी का ताज
अभी तक लाहौल स्पीति और कुल्लू जिले से कुछ चुनावी नतीजे सामने आए हैं जिनके अनुसार
- कुल्लू जिले की ग्राम पंचायत जाना से लक्ष्मण ठाकुर प्रधान चुने गए हैं।
- लाहौल ब्लॉक की ग्राम पंचायत शकोली पंचायत से सुमन लता प्रधान पद के लिये विजयी घोषित हुए।
- लाहौल घाटी की मडग्रा पंचायत से उपप्रधान पद के लिये सुरेन्द्र 400 मतों से विजयी घोषित हुए हैं।
- लाहौल ब्लॉक की शंशा पंचायत से एक बार फिर प्रशांत ने 50 वोटो से प्रधान पर पर जीत हासिल की है।
- शंशा पंचायत से उपप्रधान पद पर सोहनलाल विजयी रहे।
- लाहौल ब्लॉक की बरबोग पंचायत से रीना देवी प्रधान चुनी गईं।
- बरबोग पंचायत से उप प्रधान पद पर टशी बकरपा की जीता।
- विकास खंड धर्मशाला गगल पंचायत में दामिनी प्रधान और रविंद्र बाबा उपप्रधान बने
