शिमला। हिमाचल भाजपा के नेता केंद्र सरकार का ऐसे गुणगान कर रहे हैं, जैसे केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल में पैसों की नदियां बहा दी हों। यह शब्द हिमाचल के कांग्रेस सरकार में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के हैं। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा पर केंद्र से राहत राशि को लेकर भाजपा नेताओं के बयान पर पलटवार किया और कहा कि केंद्र से हिमाचल को किसी भी तरह का कोई स्पैशल पैकेज नहीं मिला है।

केंद्र से मिलने वाली राहत राशि पर सियासत

दरअसल हिमाचल प्रदेश में पिछले दो वर्षों के दौरान आई भीषण प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्र सरकार से मिली राहत राशि को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज़ होता जा रहा है। कांग्रेस सरकार और भाजपा के बीच जुबानी जंग इस मुद्दे पर थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य में कांग्रेस नेतृत्व जहां केंद्र से मिली मदद को हिमाचल का संवैधानिक अधिकार बता रहा है, वहीं भाजपा इसे केंद्र की उदारता और राहत प्रयासों का उदाहरण बता रही है।

मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने साधा निशाना

राज्य सरकार के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कि आपदा के समय केंद्र से कोई विशेष राहत पैकेज नहीं मिला है। जो राशि प्राप्त हुई है, वह सामान्य आपदा राहत एवं बचाव के प्रावधानों के तहत हर राज्य को मिलती है। इसे खैरात की तरह पेश करना हिमाचल की जनता का अपमान है।

 

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हर राज्य को मिलने वाली सहायता हिमाचल को भी मिली

मंत्री चौहान ने बताया कि वर्ष 2023 में हिमाचल को लगभग 10,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था, जबकि 2025 में अब तक करीब 5,000 करोड़ रुपए की क्षति हो चुकी है। इसके बावजूद बीते पांच वर्षों में कुल 4,253 करोड़ रुपए की राशि ही राज्य को NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष) और SDRF (राज्य आपदा मोचन कोष) के माध्यम से मिली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विशेष राहत पैकेज की मांग को नजरअंदाज कर रही है, जबकि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य को आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त सहायता की ज़रूरत होती है।

 

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कांग्रेस का केंद्र पर तंज

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी खास आर्थिक मदद की उम्मीद की जा रही थी, जो पूरी नहीं हुई। केंद्र ने कोई खैरात नहीं दी, बल्कि राज्यों की सहायता करना उसका दायित्व है। भाजपा इस सामान्य सहायता को भी बढ़ा.चढ़ाकर पेश कर रही है।

जयराम ठाकुर दिल्ली में सराज के लिए मांग रहे सहायता

उन्होंने भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी सीधा हमला बोला। चौहान ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर दिल्ली जाकर सिराज विधानसभा क्षेत्र के लिए परियोजनाओं में विशेष धन की मांग करते हैं, लेकिन पूरे प्रदेश की चिंता नहीं करते। वह पूरे प्रदेश के नेता नहीं, केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र के नेता भर रह गए हैं।

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भाजपा ने किया कांग्रेस के आरोपों का खंडन

वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने हर आपदा के दौरान हिमाचल की हरसंभव मदद की है और राहत कार्यों के लिए समय पर संसाधन उपलब्ध कराए हैं। भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि कांग्रेस सरकार आपदा प्रबंधन में विफल रही है और अपनी कमियों को छुपाने के लिए केंद्र को दोषी ठहरा रही है।

आपदा पर राजनीति

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज़ से संवेदनशील राज्यों में शामिल है। मानसून के दौरान भूस्खलनए बाढ़ और सड़कें धंसने की घटनाएं आम हैं। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनज़रए आपदा राहत के लिए अतिरिक्त धन और विशेष रणनीति की आवश्यकता होती है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति में सबसे अधिक प्रभावित आम जनता होती हैए जो राहत और पुनर्वास की आस लगाए बैठी है।

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