हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते आ रही प्राकृतिक आपदा ने भयंकर तबाही मचाई है। प्रदेश के कई जिला जल प्रलय का शिकार हो चुके हैं। बाढ़, भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस जल प्रलय का एक बड़ा कारण अवैध खनन है। यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को कही है। अनुराग ठाकुर ने आज प्रदेश में अवैध खनन माफिया और सुक्खू सरकार पर जमकर निशाना साधा।
साक्ष्यों के साथ खोली सुक्खू सरकार की पोल
अनुराग ठाकुर ने आज सुक्खू सरकार को जमकर निशाने पर लिया और सबूत पेश कर सुक्खू सरकार की पोल खोल दी है। अनुराग सिंह ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अवैध खनन की कई तस्वीरें अपलोड की हैं, जो चीख चीख कर जमीनी हकीकत को बयां कर रही हैं। इन तस्वीरों में बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में हर साल आ रही प्राकृतिक आपदा के पीछे यही अवैध खनन है।
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सरकार ने अवैध खनन को दे रखी है खुली छूट
सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस तबाही के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और अवैध खनन की खुली छूट जिम्मेदार है। इसी का नतीजा है जो पिछले तीन सालों से हर साल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आ रही है। अवैध खनन के चलते थोड़ी सी बारिश होने पर भी भूस्खलन और भूमि कटान होने लगता है, जो एक बड़े नुकसान का कारण बनता है।
हरोली बना अवैध खनन का अड्डा
अनुराग ठाकुर ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल की नदियां सिर्फ बारिश की वजह से ही उफान पर नहीं हैं। बल्कि बेतहाशा और अवैज्ञानिक तरीके से किए जा रहे रेत और मिट्टी के खनन ने स्थिति को और विकराल बना दिया है। उन्होंने दावा किया कि ऊना ज़िले के हरोली क्षेत्र में खनन माफिया बेखौफ होकर बिना किसी सरकारी अनुमति के बड़े पैमाने पर खनन कार्य चला रहे हैं, जिससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही है, बल्कि मानसून के दौरान बाढ़ और कटाव का ख़तरा भी कई गुना बढ़ गया है।
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कौन दे रहा खनन माफिया को संरक्षण
सांसद अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि आख़िर ऊना जिला में इन खनन माफियाओं को संरक्षण कौन दे रहा है? प्रशासन और सरकार इनकी गतिविधियों पर चुप क्यों हैं? क्या इस अवैध माइनिंग से होने वाली मोटी कमाई का हिस्सा किसी उच्च स्तर तक जा रहा है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे रैकेट में कई रसूखदार लोग शामिल हो सकते हैं और प्रशासनिक मशीनरी इन पर जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रही है।
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सीएम सुक्खू से की कड़ी कार्रवाई की मांग
अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू से आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए सरकार को अवैध खनन के खिलाफ सख्त और निर्णायक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए आवश्यक है कि खनन माफियाओं पर तुरंत कार्रवाई हो और इन्हें जड़ से समाप्त किया जाए। यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और भी भयानक हो सकती है।
सरकार की जवाबदेही तय करने की उठाई मांग
भाजपा नेताओं ने भी अनुराग ठाकुर के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश में हो रही तबाही सिर्फ कुदरत की मार नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुस्ती और राजनीतिक संरक्षण का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अवैध खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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बता दें कि अवैध खनन कोई छोटा मुद्दा नहीं है। यह न केवल पर्यावरण का दोहन है,बल्कि सीधे सीधे मानव जीवन को खतरे में डालने जैसा अपराध है। हिमाचल की सुरक्षाए प्रकृति और भविष्य के लिए जरूरी है कि इस पर तुरंत लगाम कसी जाए और प्रदेश की सरकारें इन्हें सरंक्षण प्रदान ना करें।
