लद्दाख। लद्दाख की राजधानी लेह में बुधवार को छात्रों और युवाओं का शांतिपूर्ण आंदोलन अचानक हिंसक रूप ले बैठा। स्थिति इतनी बिगड़ी कि प्रदर्शनकारियों ने न केवल कई गाड़ियों में आग लगा दी, बल्कि स्थानीय भाजपा कार्यालय को भी निशाना बनाकर उसमें आगजनी कर दी। इस हिंसक घटना में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
दागे गए आंसू गैस के गोले
दरअसल, यह प्रदर्शन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और संविधान की छठी अनुसूची का विस्तार लागू करने की मांग को लेकर चल रहा था। इसी आंदोलन का समर्थन करते हुए पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 15 दिनों से भूख हड़ताल कर रखी थी। लेकिन प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद उन्होंने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की।
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लेह शहर में बंदी जैसी स्थिति रही। दूर-दूर तक धुएं और आग की लपटें दिखाई देती रहीं। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने BNSS की धारा 163 के तहत धारा-144 जैसी पाबंदियां लागू कर दीं। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। स्थिति को काबू में लाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
लद्दाख के लोगों की प्रमुख मांग है कि इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए ताकि यहां के निवासियों को संवैधानिक सुरक्षा मिल सके। इसके अलावा छठी अनुसूची के प्रावधान लागू करने, लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग लोकसभा सीटें देने तथा सरकारी नौकरियों और संसाधनों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई जा रही है।
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भारत के संविधान की छठी अनुसूची वर्तमान में चार पूर्वोत्तर राज्यों- असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में लागू है। यह अनुसूची वहां की जनजातीय आबादी को विशेष अधिकार देती है, जैसे स्थानीय निकायों को अधिक शक्ति, स्वायत्त परिषदों का गठन और वित्तीय मामलों में निर्णय की स्वतंत्रता। अब यही व्यवस्था लद्दाख में लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है।
अंतिम फैसला अभी तक नहीं
लद्दाख एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) पिछले चार वर्षों से इस आंदोलन को मिलकर चला रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ उनकी कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अंतिम फैसला अभी तक नहीं निकल पाया है। हाल ही में भूख हड़ताल पर बैठे 15 कार्यकर्ताओं में से दो की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे तनाव और बढ़ गया। इसी घटनाक्रम ने प्रदर्शनकारियों को और आक्रोशित कर दिया और मामला हिंसा में बदल गया।
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भाजपा दफ्तर और सुरक्षा बलों पर हमला
आज यानी बुधवार को गुस्साए युवाओं ने भाजपा और हिल काउंसिल के कार्यालयों पर पथराव किया और फिर कार्यालय में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। वहां रखे दस्तावेज़ और फर्नीचर जलकर खाक हो गए। सुरक्षा बलों ने स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन झड़प कई घंटों तक जारी रही। आखिरकार अतिरिक्त बल तैनात कर माहौल को नियंत्रित किया गया।
सोनम वांगचुक की अपील
सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से हिंसा रोकने की गुहार लगाते हुए कहा कि इससे आंदोलन का मकसद कमजोर होगा और सरकार के साथ संवाद की संभावना भी घटेगी। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए वीडियो संदेश जारी कर युवाओं से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांग रखने की अपील की।
