मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित सरदार पटेल यूनिवर्सिटी अपनी स्थापना के बाद से ही कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासत का अखाड़ा रही है। अब इस SPU से 18 और बीएड कॉलेजों को डिनोटिफाई करने पर दोनों दलों के बीच सियासी जंग फिर छिड़ गई है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस कदम को SPU के खिलाफ सोची-समझी साजिश बताया है।

पहले 146 कॉलेज जुड़े थे

उन्होंने सोमवार को शिमला में सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले SPU के साथ पांच जिलों के 146 कॉलेज संबद्ध थे। धीरे-धीरे इनकी संख्या को घटाकर मात्र 46 कर दिया गया।

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अब इन 46 कॉलेजों में से भी 18 बीएड कॉलेजों को हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी को सौंपने की योजना पर काम चल रहा है। अगर ऐसा हुआ तो इससे जहां यूनिवर्सिटी का दायरा घटकर सिर्फ 28 कॉलेजों तक ही रह जाएगा।

3 करोड़ की आय कम होगी

उन्होंने आरोप लगाया कि SPU को पटवार सर्कल बनाने की इस साजिश से आय पर भी बड़ा विपरीत प्रभाव पड़ेगा। अभी इन बीएड कॉलेजों से यूनिवर्सिटी को सालाना 3 करोड़ की आय होती है।

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आंदोलन की चेतावनी

पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार यूनिवर्सिटी को बंद करने की साजिशें रचना बंद नहीं करेगी तो फिर इसे बचाने के लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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लोग मंडी की सरदार पटेल यूनिवर्सिटी को पटवार सर्कल न समझें और इसकी अहमियत को समझते हुए इसके बचाव के लिए खुलकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार यूनिवर्सिटी को बंद करने की कोशिशें बंद नहीं करती है तो वो सड़कों पर उतरेंगे और प्रदर्शन करेंगे।

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