नई दिल्ली/शिमला:  NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से चला आ रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ऐतिहासिक छात्र आंदोलन आखिरकार शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बन गई है। हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद सरकार ने सीजेपी की तीनों प्रमुख मांगों पर अपनी सहमति दे दी। इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन वापसी का आधिकारिक ऐलान किया गया।

जेपी नड्डा और सीजेपी नेताओं में बनी सहमति

शनिवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने एक साझा वार्ता की। वार्ता के बाद सीजेपी नेताओं ने घोषणा की कि सरकार के साथ तीन दौर की सफल बातचीत के बाद हमारी सभी शर्तें मान ली गई हैं। 

 

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सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने कहा, "हमारी तीन मुख्य मांगें थीं—शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर की वापसी, और पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये तक का मुआवजा। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ पहली मांग पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य मांगों पर भी सकारात्मक लिखित सहमति बन गई है। इसलिए हम सभी छात्रों से अपील करते हैं कि वे आंदोलन समाप्त कर शांतिपूर्वक अपने घर लौटें।"

 

 

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मुआवजे - केस वापसी पर सरकार का बड़ा भरोसा

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रति पूरी संवेदनशीलता रखती है। उन्होंने बताया कि सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने चार बिंदुओं का एक मांग पत्र सौंपा था। नड्डा ने स्पष्ट किया, "सरकार ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि दिल्ली सहित सभी राज्यों में आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लिया जाएगा और उन्हें एफआईआर की प्रतियां सौंपी जाएंगी। किसी भी छात्र के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं होगी। जहाँ तक मुआवजे का सवाल है, नियम-कानूनों के तहत पीड़ितों को ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहायता दी जाएगी।"

 

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इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर जश्न

इससे पहले, जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने की खबर जंतर-मंतर पहुंची, पूरे धरना स्थल पर जश्न का माहौल बन गया। 36 दिनों से डटे छात्रों ने 'छात्र एकता जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे लगाए और तिरंगा लहराते हुए राष्ट्रगान गाया। जीत के इस भावुक क्षण में छात्रों ने NEET विवाद के कारण अपनी जान गंवाने वाले दिवंगत सहपाठियों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

 

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हिमाचल के छात्रों को भी मिलेगी केस वापसी से राहत

गौरतलब है कि दिल्ली के अलावा हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी सीजेपी और अन्य छात्र संगठनों ने कड़ा प्रदर्शन किया था। हिमाचल भाजपा के कद्दावर नेता जेपी नड्डा के इस वार्ता में मुख्य मध्यस्थ बनने के बाद अब हिमाचल में भी प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों के वापस होने का रास्ता साफ हो गया है। सीजेपी नेताओं ने कहा कि वे अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं और उम्मीद जताते हैं कि सरकार तय समय सीमा के भीतर अपने वादों को पूरा करेगी।

 

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