कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की देहरा पंचायत समिति के चुनाव ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। जिस क्षेत्र को कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है, वहीं भाजपा ने दोनों प्रमुख पद जीतकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। परिणाम के बाद भाजपा खेमे में उत्साह है, जबकि कांग्रेस के लिए इसे एक अहम झटका माना जा रहा है।
पंचायत समिति अध्यक्ष पद पर BJP काबिज
23 सदस्यीय देहरा पंचायत समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। अध्यक्ष पद पर विनोद कुमार और उपाध्यक्ष पद पर रुबीना चौधरी ने जीत दर्ज की। दोनों उम्मीदवारों को 15-15 मत मिले, जबकि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सुनीला और सुमित को 8-8 वोट प्राप्त हुए।
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भाजपा ने बहुमत के दम पर मारी बाजी
मतगणना के साथ ही यह साफ हो गया कि पंचायत समिति में भाजपा समर्थित सदस्यों का पलड़ा भारी रहा। स्पष्ट बहुमत मिलने के कारण पार्टी ने दोनों शीर्ष पद अपने नाम कर लिए। परिणाम सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया।
बिक्रम सिंह ठाकुर की रणनीति पर लगी मुहर
राजनीतिक हलकों में इस जीत का श्रेय पूर्व मंत्री एवं जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर को दिया जा रहा है। पार्टी ने उन्हें चुनाव का प्रभारी बनाया था और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी अहम भूमिका मानी जा रही है। चुनाव के दौरान भाजपा संगठन जिला देहरा के प्रभारी एवं पूर्व विधायक राजेश ठाकुर भी सक्रिय रहे।
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कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह हार?
देहरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पत्नी और कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर करती हैं। ऐसे में उनके निर्वाचन क्षेत्र में पंचायत समिति के दोनों प्रमुख पद भाजपा के खाते में जाना कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से असहज स्थिति माना जा रहा है। वहीं, विजिलेंस जांच के कारण चर्चा में रहे पूर्व विधायक होशियार सिंह चुनाव प्रक्रिया के दौरान नजर नहीं आए।
विकास का भरोसा, सरकार पर साधा निशाना
नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि पंचायत समिति के चुनाव समय पर नहीं कराए गए, लेकिन इसके बावजूद निर्वाचित प्रतिनिधियों ने भाजपा पर भरोसा जताया। उन्होंने सभी सदस्यों को साथ लेकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करने की बात कही। उपाध्यक्ष रुबीना चौधरी ने अपनी जीत का श्रेय पार्टी की नीतियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत को देते हुए कहा कि पंचायत समिति क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
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भाजपा का दावा, कांग्रेस ने किया खारिज
जीत के बाद विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि पंचायत समिति के नतीजे प्रदेश की बदलती राजनीतिक तस्वीर दिखाते हैं और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा का संकेत देते हैं। हालांकि, यह भाजपा का राजनीतिक दावा है। इन दावों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
