डाडासीबा (कांगड़ा)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पत्नी और देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र से सियासी टकराव की तस्वीर सामने आई है। जिसने एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियों को बढ़ा दिया है। जसवां-परागपुर के डाडासीबा में भाजपा की जन आक्रोश रैली के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।

भाजपा की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा था, इसी बीच कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर काले झंडे दिखाए और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी नारे लगाए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को संभाला गया।

भाजपा की रैली में कांग्रेस ने की नारेबाजी

डाडासीबा में भाजपा की ओर से आयोजित जन आक्रोश रैली में स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। भाजपा कार्यकर्ता सरकार की चुनावी गारंटियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लेकर भाजपा के प्रदर्शन का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और नारेबाजी का दौर शुरू हो गया।

 

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काले झंडों ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से काले झंडे दिखाए जाने के बाद डाडासीबा में माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर नारे लगाए। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया।

भाजपा ने 1500 रुपये की गारंटी को बनाया मुद्दा

भाजपा की रैली में महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने की कांग्रेस की चुनावी गारंटी प्रमुख मुद्दा रही। बिक्रम सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय किए गए इस वादे को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच उठाती रहेगी।

 

 

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बिक्रम ठाकुर बोले- महिलाओं को जवाब चाहिए

बिक्रम ठाकुर ने रैली में कहा कि महिलाओं को चुनाव के दौरान किए गए वादे के अनुसार राशि मिलने की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर अन्य चुनावी गारंटियों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि भाजपा इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। साथ ही उन्होंने जसवां-परागपुर में प्रशासनिक और विकास से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस ने काले झंडों से दिया जवाब

कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं की ओर से भाजपा के प्रदर्शन का विरोध इसी मुद्दे पर राजनीतिक जवाब के रूप में किया गया। कांग्रेस पक्ष का कहना है कि राज्य सरकार ने महिलाओं की सम्मान निधि को लेकर अपना पक्ष रखा है। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा से केंद्र सरकार के पुराने चुनावी वादों पर भी जवाब देने की मांग की।

 

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देहरा की राजनीति के लिहाज से अहम घटनाक्रम

यह घटनाक्रम इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि डाडासीबा जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जबकि पड़ोसी देहरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर करती हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े विधानसभा क्षेत्र के आसपास भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का इस तरह आमने-सामने आना क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा में ले आया है।

दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

रैली के दौरान भाजपा ने राज्य सरकार की गारंटियों, महिलाओं की सम्मान निधि, रोजगार और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदर्शन का विरोध करते हुए केंद्र की राजनीति और पुराने चुनावी वादों का मुद्दा उठाया। इस तरह डाडासीबा में एक ही समय पर दोनों दलों की ओर से अलग-अलग राजनीतिक मुद्दे उठते नजर आए।

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2027 से पहले क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

हिमाचल में आगामी विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन जसवां-परागपुर समेत कई क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा राज्य सरकार के कामकाज और चुनावी वादों को लेकर लगातार सवाल उठा रही है, जबकि कांग्रेस भाजपा के आरोपों का राजनीतिक जवाब दे रही है। डाडासीबा की घटना इसी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता की एक ताजा तस्वीर रही।

पुलिस की मौजूदगी में संभला माहौल

दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार समय रहते पुलिस की मौजूदगी से स्थिति को नियंत्रण में रखा गया और कोई बड़ा टकराव नहीं हुआ।

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