शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में उस समय हंगामा मच गया जब एक कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए। सड़क पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद नेता ने दावा किया कि उन्हें सीएम द्वारा मरवाने की साजिश रची जा रही है और पुलिस उन्हें अगवा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ईडी में शिकायत देने के बाद उन्हें टारगेट किया जा रहा है।
पुलिसकर्मी बोले- उन्हें “ऊपर से आदेश” मिले हैं
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस अपनी गाड़ी से किसी जरूरी काम के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया। इस कार्रवाई पर उन्होंने तुरंत आपत्ति जताई और पुलिस से सवाल किया कि आखिर उन्हें किस आधार पर रोका गया है।
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जवाब में पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्हें “ऊपर से आदेश” मिले हैं, जिससे मामला और अधिक विवादित हो गया।
सीएम के खिलाफ ईडी में दर्ज करवाई है शिकायत
इस पर युद्धवीर बैंस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ ईडी में शिकायत दर्ज करवाई है और उसी के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि पुलिस उन्हें जबरन उठाने की कोशिश कर रही है।
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मौके पर मौजूद लोगों को जब पुलिस ने वहां से हटने को कहा, तो युद्धवीर बैंस ने उन्हें रुकने की अपील करते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है। कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह ने यह भी कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे। बैंस ने यह भी दावा किया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें अस्पताल जाना था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें रोका।
पुलिस कर रही है लगातार पीछा
बाद में युद्धवीर बैंस ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट साझा कर पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर शिमला पुलिस ने उन्हें “अगवा” करने की कोशिश की।
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अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसके बावजूद पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही है। उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद से ही उन्हें उनके वकील के चैंबर के बाहर और कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के पास रोका गया।
पुलिस की ओर से सामने नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
इतना ही नहीं, युद्धवीर बैंस ने यह भी आरोप लगाया कि 8 अप्रैल को उस होटल में भी पुलिस पहुंची, जहां उनका बेटा और वकील ठहरे हुए थे और वहां भी पूछताछ की गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया। बहरहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
