शिमला। हिमाचल प्रदेश के बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में शुक्रवार को बड़ा मोड़ आया है। प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए यह जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI को सौंपने के आदेश जारी कर दिए हैं।

कोर्ट रूम खचाखच भरा

इससे मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू की सरकार को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि इससे पहले शिमला पुलिस की SIT इस केस की जांच कर रही थी। सुबह 10 बजे जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, अदालत परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। कोर्ट रूम में पैर रखने की भी जगह नहीं थी।

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CBI करेगी विमल नेगी केस की जांच

इस दौरान दिवंगत इंजीनियर विमल नेगी के मामा भी अदालत में मौजूद रहे। अदालत ने सभी हलफनामों और पुलिस द्वारा दायर की गई स्टेट्स रिपोर्ट को सार्वजनिक रूप से पढ़ा और गहराई से समीक्षा करने के बाद जांच को CBI को सौंपने का फैसला लिया।

SIT जांच पर अदालत की सख्त टिप्पणी

कोर्ट ने साफ कहा कि पुलिस द्वारा गठित SIT की जांच अधूरी, लचर और पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। कोर्ट ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए टिप्पणी की कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी निष्पक्ष जांच अनिवार्य है, जो मौजूदा व्यवस्था में संभव नहीं लगती।

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हिमाचल का कोई अफसर नहीं होगा जांच टीम में

अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जो CBI टीम इस मामले की जांच करेगी, उसमें हिमाचल प्रदेश से किसी भी स्तर का अधिकारी शामिल नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य है जांच को पूरी तरह पारदर्शी और बाहरी प्रभाव से मुक्त रखना।

सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अदालत की यह टिप्पणी कि पुलिस जांच में गंभीर खामियां रही हैं, सीधे तौर पर सरकार की जवाबदेही तय करती है। इससे पहले भी अदालत ने शिमला के SP और DGP की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए थे।

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