शिमला। हिमाचल प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के दो बड़े फोरलेन कॉरिडोर अब आपस में जुड़ने की दिशा में बढ़ गए हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दिल्ली दौरे से लौटने के बाद इस अहम फैसले का खुलासा करते हुए बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान हिमाचल की कई महत्वपूर्ण सड़क और सुरंग परियोजनाओं को लेकर केंद्र से सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिससे आने वाले समय में प्रदेश के सड़क नेटवर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इन दो फोरलेन को जोड़ने की तैयारी
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष मंडी-पठानकोट फोरलेन को मटौर-शिमला फोरलेन से जोड़ने का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा था। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को केंद्र की ओर से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। उनके मुताबिक, यदि यह परियोजना आगे बढ़ती है तो हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम होगा। साथ ही पर्यटन, व्यापार और परिवहन गतिविधियों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें : इस दिन मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं सुंदर सिंह ठाकुर! CM सुक्खू ने दिए संकेत; बोले- जल्द मिलेगा नया मंत्री
एनएच-305 के लिए 25.11 करोड़ की मंजूरी
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के तहत सैंज-लुहरी-बंजार-औट मार्ग पर बंजार से औट तक सड़क सुधार और टारिंग के लिए 25.11 करोड़ रुपये की मंजूरी भी मिली है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कुल्लू क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इसके सुधरने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
जलोड़ी सुरंग परियोजना पर भी बढ़ी उम्मीद
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में जलोड़ी सुरंग परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की डीपीआर फिलहाल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास विचाराधीन है। उन्होंने केंद्र सरकार से करीब 1,775 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी देने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जलोड़ी सुरंग बनने से कई क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय कम होगा और पूरे इलाके की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
यह भी पढ़ें : अनुराग ठाकुर ने खोला सुक्खू सरकार के कर्ज का हिसाब, बोले- आने वाली पीढ़ियों को भी बना दिया कर्जदार
कांगड़ा की सड़क परियोजना को भी केंद्र के सामने रखा
दिल्ली दौरे के दौरान लोक निर्माण मंत्री ने कांगड़ा जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-303 पर नगरोटा बगवां से रानीताल सड़क परियोजना के लिए 395 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कांगड़ा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पुलों और सड़कों के लिए अतिरिक्त बजट की मांग
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से सेतु बंधन योजना के तहत पुल निर्माण के लिए 3.46 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके अलावा उन्होंने सीआरआईएफ (CRIF) के तहत हिमाचल को मिलने वाले वार्षिक सड़क बजट को बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने की मांग भी रखी है। उनके अनुसार, यदि केंद्र से इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश में सड़क अवसंरचना के विकास को नई गति मिलेगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की सुक्खू सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया अल्टीमेटम, दो सप्ताह में भरने होंगे ये खाली पद
प्रियंका गांधी और वेणुगोपाल के हिमाचल आने के संकेत
लोक निर्माण मंत्री ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई है और दोनों वरिष्ठ नेताओं का आने वाले दिनों में हिमाचल दौरे का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
