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September 24, 2026
हिमाचल में नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, गाड़ियां- गोल्ड बिस्किट, मकान और बैंक खाते किए सीज
पुलिस ने 10 नशा तस्करों की जब्त की एक करोड़ से भी अधिक की संपत्ति
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशा तस्करी के मामलों पर अब पुलिस सख्त हो गई है। पुलिस न सिर्फ नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचा रही है, बल्कि नशे के कारोबार से कमाई करोड़ों की संपत्ति को भी सीज कर इन नशा तस्करों की कमर तोड़ रही है। ऐसी ही एक बड़ी कार्रवाई हिमाचल के बिलासपुर जिला में की गई है। यहां पुलिस ने नशा तस्करी से कमाई करोड़ों की संपत्ति को सीज कर दिया है, जिसमें लग्जरी गाड़ियां, सोने के बिस्किट, आलीशान घर और बैंक खातों को सीज कर दिया है।
पुलिस की वित्तीय जांच में सामने आया कि आरोपितों के पास कई ऐसी चल-अचल संपत्तियां थीं, जिनके वैध स्रोत को लेकर वे संतोषजनक दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन, मकान, बैंक खातों में जमा रकम और सोने के बिस्किट तक सीज कर दिए। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि नशे के अवैध कारोबार से कमाई गई संपत्ति अब तस्करों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगी।
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बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई में अलग-अलग मामलों से जुड़े आरोपितों की संपत्तियों की वित्तीय जांच की गई। इसमें कई कारें, एक बाइक, निर्माणाधीन मकान, बैंक खातों में जमा लाखों रुपये और 100 ग्राम सोने के बिस्किट शामिल हैं। नशा तस्करी के आरोपितों द्वारा अर्जित की गई संपत्ति के वैध स्रोत का हिसाब नहीं दे पाने के बाद पुलिस ने इन संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सीज किया।
पहले मामले में लगड़ बरमाणा निवासी अजय कुमार उर्फ आजाद को 6.17 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं। वित्तीय जांच के बाद उसकी दो कारें, बैंक खाते में जमा 6.33 लाख रुपये से अधिक की रकम और निर्माणाधीन मकान को मिलाकर कुल करीब 21.21 लाख रुपये की संपत्ति सीज की गई।
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दूसरे मामले में पंजगाई निवासी अनिल कुमार उर्फ पिंटू को 15.13 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ नशा तस्करी के नौ मामले दर्ज हैं। जांच के दौरान उसके पास मौजूद 100 ग्राम सोने के बिस्किट और मकान को सीज किया गया। इनकी कुल कीमत करीब 30.53 लाख रुपये आंकी गई है।
मंडी के काच्योट निवासी दूपल सिंह और कुल्लू के मलाणा निवासी जय चंद के कब्जे से पुलिस ने 1.8 किलोग्राम चरस बरामद की थी। इसके बाद की गई वित्तीय जांच में दोनों से संबंधित एक वाहन और बैंक खातों में जमा रकम समेत करीब 11.58 लाख रुपये की संपत्ति सीज की गई।
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नशा तस्करी के एक अन्य मामले में बालू टेण्ठा, घुमारवीं निवासी राकेश के खिलाफ भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ नशा तस्करी के सात मामले दर्ज हैं और उसके कब्जे से 57.3 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। वित्तीय जांच के बाद पुलिस ने उसके करीब 39.53 लाख रुपये मूल्य के मकान को सीज कर दिया।
कुल्लू के भुट्टी निवासी जीवन सिंह को बिलासपुर में 5.7 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उसके बैंक खाते में मौजूद करीब 6.07 लाख रुपये को भी पुलिस ने सीज कर दिया।
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रूआ, बिलासपुर निवासी उमेश और कंदरौर निवासी अजय सिंह को पुलिस ने 21.2 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के बाद दोनों से संबंधित दो कारों और बैंक खाते में मौजूद रकम को मिलाकर करीब 13.21 लाख रुपये की संपत्ति सीज की गई।
स्यांह बल्ह, मंडी निवासी अमन कुमार और मंडी के अयां निवासी अरुण के मामले में भी पुलिस ने संपत्ति पर कार्रवाई की। दोनों से 14.5 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। जांच के बाद उनकी एक गाड़ी और एक बाइक समेत करीब 13 लाख रुपये की संपत्ति सीज की गई।
बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि नशा तस्करी के आरोपितों पर अब आर्थिक स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की वित्तीय जांच का उद्देश्य उन संपत्तियों की पहचान करना है, जिनके बारे में आरोपित वैध स्रोत नहीं बता पाते हैं। इस तरह नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत सीज करने से तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर असर डालने की कोशिश की जा रही है।
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान के अनुसार नशे के खिलाफ कार्रवाई को केवल गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी आरोपित ने नशे के कारोबार से संपत्ति अर्जित की है और वह उसके वैध स्रोत को साबित नहीं कर पाता, तो कानून के तहत उसकी चल-अचल संपत्ति पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में हुई यह कार्रवाई नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की रणनीति में एक महत्वपूर्ण पहलू को सामने लाती है—नशे के कारोबार से कमाई गई रकम और उससे बनाई गई संपत्ति पर सीधा प्रहार। गाड़ियों से लेकर मकानों, बैंक खातों और सोने तक की संपत्ति सीज किए जाने से नशा तस्करी के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।