शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्य सूचना आयोग में खाली चल रहे महत्वपूर्ण पदों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुक्खू सरकार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। शीर्ष अदालत ने प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर परिणाम घोषित करने का आदेश दिया है।

 

अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता वैधानिक नियुक्तियों की राह में बाधा नहीं बन सकती, खासकर तब जब नियुक्ति अदालत के समयबद्ध आदेश के तहत की जानी हो। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सरकार के सामने दोनों महत्वपूर्ण पदों को तय समय सीमा के भीतर भरने की चुनौती है।

दो सप्ताह का अल्टीमेटम

मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार को स्पष्ट समयसीमा दी है। अदालत ने कहा कि दो सप्ताह के भीतर चयन प्रक्रिया के परिणाम घोषित किए जाएं और मुख्य सूचना आयुक्त तथा राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्तियां की जाएं। इसके साथ ही सरकार को अदालत में अनुपालन हलफनामा भी दाखिल करना होगा। 

 

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सुक्खू सरकार की दलील नहीं आई काम

सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि नगर निगम चुनाव के कारण प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू थी, जिसके चलते चयन प्रक्रिया के परिणाम घोषित नहीं किए जा सके। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को नियुक्तियों में देरी का आधार मानने से इनकार कर दिया। अदालत ने साफ किया कि अदालत के निर्देश के तहत की जाने वाली वैधानिक नियुक्तियां केवल आचार संहिता लागू होने के कारण रोकी नहीं जा सकतीं।

 

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पद खाली रहने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

राज्य सूचना आयोगों में खाली पड़े पदों और लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट देशभर की स्थिति पर नजर रख रहा है। अदालत ने सभी राज्यों को मुख्य सूचना आयुक्तों और राज्य सूचना आयुक्तों के रिक्त पद भरने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। हिमाचल को भी इसी प्रक्रिया के तहत समयबद्ध तरीके से नियुक्तियां पूरी करने को कहा गया है।

अगली सुनवाई पर देना होगा नियुक्तियों का हिसाब

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्तों और राज्य सूचना आयुक्तों का पूरा विवरण संबंधित राज्य सूचना आयोगों की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया है। हिमाचल सरकार को भी अपने स्तर पर की गई नियुक्तियों और अदालत के निर्देशों के अनुपालन की जानकारी देनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। ऐसे में हिमाचल सरकार के पास अब अदालत द्वारा तय की गई दो सप्ताह की समयसीमा में नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी करने का स्पष्ट दबाव है।

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दूसरे राज्यों में भी खाली पदों पर कोर्ट की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केवल हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों में सूचना आयोगों की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त समेत तीन पद खाली होने की जानकारी अदालत को दी गई। कोर्ट ने वहां नियुक्ति प्रक्रिया को दो महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

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अब सुक्खू सरकार की अग्निपरीक्षा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिमाचल प्रदेश में राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त के दोनों खाली पदों को भरने का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। अदालत ने सरकार को महज दो सप्ताह का समय दिया है। ऐसे में अब सरकार को चयन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम घोषित करने के साथ नियुक्तियों को अंतिम रूप देना होगा।

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