शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को एक बड़ी राहत दी है। लंबे समय से अपनी विभिन्न वित्तीय देनदारियों की मांग कर रहे इन कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सुक्खू सरकार ने खजाने का मुंह खोलते हुए करोड़ों रुपए की धनराशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री के व्यवस्था परिवर्तन के नारे का सकारात्मक असर अब आर्थिक मोर्चे पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है] जिससे वित्तीय अनुशासन और बेहतर प्रबंधन के जरिए वर्षों से लंबित पड़े दावों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

सरकारी कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से अपने चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइंबर्समेंट) बिलों और अन्य वित्तीय देनदारियों के भुगतान की मांग कर रहे थे। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सुक्खू सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में 27 जून तक कुल 212 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि जारी की है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: पति के बाद जवान बेटे की मौ*त से टूटी मां, छुट्टी लेकर घर लौट रहे संजू की रास्ते में थमी सांसें

 

इसमें से 131.03 करोड़ रुपए पेंशनरों के लिए तथा 80.97 करोड़ रुपए सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए सीधे आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद वित्त विभाग ने इस प्रक्रिया को रफ्तार दी है, और पात्र लोग अपने आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) से संपर्क कर यह लाभ उठा सकते हैं।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनरों को राहत

वर्तमान कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्षों से लंबित पड़े वित्तीय दायित्वों का चरणबद्ध तरीके से समाधान करना शुरू कर दिया है। सरकार ने वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त या दिवंगत हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को बड़ी राहत दी है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल से चरस लेने आए थे चार राजस्थानी दोस्त, पुलिस के हत्थे चढ़े- पहुंचे जेल

 

₹25,000 प्रतिमाह तक की मूल पेंशन और ₹15,000 प्रतिमाह तक की पारिवारिक पेंशन पाने वालों के लंबित एरियर जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, 1 जनवरी 2016 से पहले के सेवानिवृत्त बुजुर्ग पेंशनभोगियों के संशोधित पेंशन एरियर का पूर्ण भुगतान भी सुनिश्चित कर दिया गया है।

पिछली सरकार पर बरसे सीएम सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस वित्तीय सुधार के मौके पर पिछली भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार को आरडीजी और जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में केंद्र से लगभग 60 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिली थी, इसके बावजूद उन्होंने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का एरियर और अन्य लाभ समय पर नहीं दिए। सीएम सुक्खू ने साफ किया कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया और अब वित्तीय स्थिति सुधरने के साथ ही कर्मचारियों के हर हक को उन तक पहुंचाया जा रहा है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें