#अव्यवस्था
August 12, 2026
हिमाचल में फिर मंहगा हुआ पेट्रोल-डीजल, सुक्खू सरकार ने लगाया नया सेस- यहां जानें रेट
मंगलवार मध्यरात्रि से नया शुल्क प्रभावी कर दिया गया।
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने मानसून सत्र से पहले आम जनता को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने मंगलवार रात से पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं।
इस संबंध में राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अधिसूचना जारी की है। यानी पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल इस्तेमाल करने वाले लोगों की जेब पर अब थोड़ा और बोझ पड़ेगा।
इस नए प्रावधान का असर सीधे ईंधन की कीमत पर दिखाई देगा। अब प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल खरीदने पर ग्राहकों को पहले की तुलना में प्रति लीटर 60 पैसे ज्यादा देने होंगे। सरकार ने यह राशि सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए जुटाने का फैसला लिया है।
विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नया सेस*हिमाचल प्रदेश वैट अधिनियम, 2005 की धारा 6-A के तहत लगाया गया है। यह शुल्क पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की बिक्री की शुरुआती अवस्था यानी पहली बिक्री के स्तर पर लागू होगा।
सरकार ने इस व्यवस्था के पीछे अनाथ बच्चों और विधवाओं से संबंधित कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त धन जुटाने को मुख्य वजह बताया है। इससे मिलने वाली राशि को इन्हीं वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में इस्तेमाल करने की बात कही गई है।
सेस लागू होने के बाद राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत में 60 पैसे की वृद्धि होगी। यहां पेट्रोल का भाव 102.45 रुपये से बढ़कर 103.05 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। इस फैसले का असर प्रदेशभर में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की खरीद पर पड़ेगा। हालांकि अलग-अलग स्थानों पर ईंधन के अंतिम दाम में स्थानीय स्तर पर कुछ अंतर हो सकता है।
इस सेस को लागू करने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए चल रही सरकारी योजनाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
इसके बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अधिसूचना जारी की और मंगलवार मध्यरात्रि से नया शुल्क प्रभावी कर दिया गया।सरकार का तर्क है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली यह छोटी राशि मिलकर सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय स्रोत तैयार करेगी। इससे सरकार को जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार सेस से प्राप्त धन का इस्तेमाल अनाथ बच्चों और विधवाओं के हित में किया जाएगा। इसका उद्देश्य मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और जरूरतमंद लाभार्थियों के लिए सहायता का दायरा बनाए रखना है।
ईंधन की कीमत से जुड़ा कोई भी फैसला आम लोगों और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का विषय बनता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल पर नया सेस लागू किए जाने के बाद प्रदेश में इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिल सकती है।