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August 13, 2026
5 लाख जमा करो, तभी होगा यहां 15 अगस्त का राज्यस्तरीय समारोह! हाईकोर्ट की सुक्खू सरकार को दो टूक
समारोह की तैयारियां पहले, अनुमति बाद में मांगने पर कोर्ट नाराज
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शिमला: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के लिए अब 5 लाख रुपये चुकाने होंगे। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हमीरपुर जिले के बड़सर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में 15 अगस्त का राज्यस्तरीय समारोह आयोजित करने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन इसके लिए सरकार के सामने स्पष्ट शर्त रख दी है। यदि 5 लाख रुपये की राशि जमा नहीं की गई तो स्कूल परिसर में समारोह के आयोजन की अनुमति नहीं होगी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्कूल के खेल मैदान के अस्थायी उपयोग के एवज में सरकार को 5 लाख रुपये उपयोग शुल्क के रूप में जमा करवाने होंगे। यह राशि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए चलने वाली वेलफेयर स्कीम में खर्च की जाएगी। अदालत का यह आदेश ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार बड़सर में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों में जुटी हुई है। ऐसे में सरकार को अब आयोजन से पहले अदालत की निर्धारित शर्त को पूरा करना होगा।
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इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने की। उपायुक्त हमीरपुर की ओर से स्कूल के खेल मैदान का अस्थायी रूप से इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि यदि सरकार ने समारोह के लिए पहले से कार्ड छपवाने और निमंत्रण देने सहित अन्य तैयारियां शुरू नहीं की होतीं, तो स्कूल परिसर में आयोजन की अनुमति नहीं दी जाती। अदालत की टिप्पणी का सार साफ था—पहले आयोजन की पूरी तैयारी कर लेना और उसके बाद स्कूल परिसर के इस्तेमाल की अनुमति मांगना उचित प्रक्रिया नहीं है।
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हालांकि अदालत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार को राहत भी दी। कोर्ट ने कहा कि विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन में बाधा न आए, इसलिए स्कूल के खेल मैदान के अस्थायी उपयोग की सशर्त अनुमति दी जा रही है। लेकिन यह अनुमति बिना शर्त नहीं है। सरकार को पहले निर्धारित 5 लाख रुपये की राशि जमा करनी होगी।
हाईकोर्ट ने आदेश में साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने 5 लाख रुपये की निर्धारित राशि जमा नहीं की तो बड़सर स्कूल परिसर में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन पर रोक लगी रहेगी। यानी अब समारोह के आयोजन की अनुमति सीधे तौर पर इस भुगतान से जुड़ी हुई है। सरकार को कार्यक्रम आयोजित करने से पहले अदालत द्वारा निर्धारित शर्त का पालन करना होगा।
दरअसल, स्कूलों और कॉलेजों के परिसरों के गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट पहले ही महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर चुका है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे कि शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों का गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न किया जाए। इसी पृष्ठभूमि में बड़सर स्कूल के खेल मैदान में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित करने के लिए सरकार को अदालत से अनुमति लेनी पड़ी।
हाईकोर्ट ने आयोजन की अनुमति देते हुए स्कूल परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। समारोह समाप्त होने के बाद पूरे परिसर की उचित तरीके से सफाई सुनिश्चित करनी होगी, ताकि स्कूल की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार के सामने आयोजन को लेकर दो प्रमुख जिम्मेदारियां हैं—पहली, 5 लाख रुपये की राशि स्कूल की वेलफेयर स्कीम के लिए जमा करना, और दूसरी, समारोह समाप्त होने के बाद स्कूल परिसर की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना। इस मामले में अदालत ने एक तरफ स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय कार्यक्रम को देखते हुए सरकार को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों के इस्तेमाल को लेकर अपने पहले के निर्देशों की गंभीरता भी स्पष्ट कर दी है।