#विविध

August 13, 2026

हिमाचल के अधिकारों की होगी बड़ी जीत! BBMB बकाया मामले में इस दिन आ सकता है ऐतिहासिक फैसला

अब निर्णायक मोड़ पर पहुंची हिमाचल के हक की लड़ाई 

शेयर करें:

BBMB supreme court

शिमला: हिमाचल प्रदेश के लिए लंबे समय से चले आ रहे भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के बकाया भुगतान के विवाद में अब उम्मीद की एक बड़ी किरण दिखाई दी है। करीब छह दशक पुराने इस मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि पंजाब सरकार केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार करने के काफी करीब पहुंच गई है। ऐसे में अब 20 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई हिमाचल के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

अगर पंजाब केंद्र के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति जताता है तो वर्षों से चले आ रहे इस विवाद के समाधान का रास्ता साफ हो सकता है। हिमाचल में इसे राज्य के लंबे कानूनी संघर्ष की बड़ी उपलब्धि और सुक्खू सरकार के लिए महत्वपूर्ण जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में बनी सहमति, 20 अगस्त को हो सकता है धमाका

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना भी शामिल थे। हिमाचल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत के समक्ष यह जानना चाहा कि क्या पंजाब सरकार केंद्र के प्रस्ताव पर सहमत है। इस पर केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने अदालत को बताया कि अब स्थिति पहले से काफी बेहतर है और पंजाब सहमति के बेहद करीब पहुंच रहा है।

 

यह भी पढ़ें : 5 लाख जमा करो, तभी होगा 15 अगस्त का राज्यस्तरीय समारोह! हाईकोर्ट की सुक्खू सरकार को दो टूक

 

केंद्र ने कुछ छोटी-मोटी अड़चनों को दूर करने की बात कही, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी संकेत दिया कि जब मामला सही दिशा में आगे बढ़ रहा है तो छोटी-मोटी बातों को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त 2026 की तारीख तय कर दी।

कैशलेस फॉर्मूले से निकल सकता है रास्ता

मामले में केंद्र सरकार ने ऐसा समाधान सुझाया है, जिसमें पुराने बकाये का निपटारा सीधे नकद भुगतान के बजाय बिजली/ऊर्जा के माध्यम से किया जा सकता है। इस फॉर्मूले का उद्देश्य राज्यों के बीच भुगतान की दर और पुराने वित्तीय हिसाब-किताब को लेकर जारी मतभेदों को खत्म करना है। पहले हिमाचल और हरियाणा केंद्र के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक रूप से सहमत बताए गए थे, जबकि पंजाब की ओर से कुछ आपत्तियां उठाई गई थीं। अब केंद्र का कहना है कि पंजाब भी सहमति के काफी करीब पहुंच चुका है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : सुबह घर से निकली थी महिला, अगले दिन खड्ड के पास मिली देह- सदमे में परिवार

पंजाब की सहमति बनी तो हिमाचल के लिए खुलेगा रास्ता

पंजाब की ओर से पहले इस फॉर्मूले को लेकर कुछ आपत्तियां जताई गई थीं। विशेष रूप से बकाया बिजली की गणना और भुगतान की दर को लेकर मतभेद सामने आए थे। पंजाब ने तर्क दिया था कि प्रस्तावित दर के आधार पर राज्य को आर्थिक नुकसान हो सकता है। लेकिन बुधवार की सुनवाई में केंद्र की ओर से पंजाब के रुख में बदलाव के संकेत मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब अगर 20 अगस्त को पंजाब औपचारिक रूप से केंद्र के प्रस्ताव पर सहमति जता देता है तो हिमाचल के लंबे इंतजार के खत्म होने की संभावना मजबूत हो जाएगी।

 

यह भी पढ़े : दिल्ली में आज सुंदर सिंह के नाम पर लगेगी मुहर : कुई मंत्रियों से छिन सकती है पॉवर

1996 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था हिमाचल

BBMB से जुड़े अधिकारों को लेकर हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट में मूल मुकदमा दायर किया था। राज्य का तर्क था कि पंजाब के पुनर्गठन के बाद उत्तराधिकारी राज्य के रूप में उसे भाखड़ा-ब्यास परियोजनाओं में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2011 में हिमाचल की हिस्सेदारी 7.19 प्रतिशत निर्धारित की। इस फैसले ने हिमाचल के दावे को एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार दिया। इसके बावजूद पुराने बकाये और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका। अब केंद्र के नए प्रस्ताव और पंजाब के नरम पड़ते रुख से इस दशकों पुराने विवाद के समाधान की उम्मीद फिर मजबूत हुई है।

यह भी पढ़ें : पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर फूटा सांसद अनुराग का गुस्सा, बोले- ‘खटाखट मॉडल अब खटारा हो गया’

20 अगस्त को हो सकता है ऐतिहासिक मोड़

हिमाचल के लिए अब 20 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है। करीब छह दशक पुराने विवाद में यदि पंजाब और केंद्र के बीच प्रस्तावित समझौते पर अंतिम सहमति बनती है तो यह हिमाचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। हालांकि अभी इसे अंतिम जीत कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि समझौते की अंतिम स्थिति और अदालत का रुख 20 अगस्त की सुनवाई में स्पष्ट होगा। लेकिन बुधवार की सुनवाई के बाद जो संकेत सामने आए हैं, उन्होंने हिमाचल को वर्षों पुराना हक मिलने की उम्मीद जरूर जगा दी है। लंबी कानूनी लड़ाई, दशकों का इंतजार और अब समाधान की उम्मीद—20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई हिमाचल के लिए इतिहास बदलने वाला दिन साबित हो सकती है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख