शिमला। हिमाचल प्रदेश की चर्चित महिला अधिकारी और वर्तमान में शिमला अर्बन में तैनात SDM ओशीन शर्मा सोशल मीडिया से गायब हो गई हैं। इंफ्लुएंसर SDM ओशीन ने ब्रांड प्रोमशन से उठे विवादों के बीच अपने सभी प्रमुख सोशल मीडिया अकाउंट अस्थायी रूप से डिएक्टिवेट कर दिए हैं।
सोशल मीडिया से गायब इंफ्लुएंसर ओशीन
विवाद के बाद अचानक अकाउंट डिएक्टिवेट करने के फैसले ने उनके समर्थकों और आलोचकों दोनों को चौंका दिया। 32 वर्षीय ओशीन शर्मा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय और लोकप्रिय थीं।
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9 लाख से अधिक फोलोअर्स
उनके इंस्टाग्राम पर लगभग 3.74 लाख, फेसबुक पर 3.71 लाख, X (ट्विटर) पर एक लाख से अधिक और YouTube पर करीब 65 हजार सब्सक्राइबर थे। कुल मिलाकर उनके फॉलोअर्स की संख्या 9 लाख से ऊपर पहुंच चुकी थी।
ब्रांड प्रमोशन कर बुरी फंसी मैडम
दरअसल, ओशीन शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक फिटनेस प्रोडक्ट से जुड़े वीडियो साझा किए थे। इसे लेकर सवाल उठे कि एक कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी द्वारा निजी उत्पादों का प्रचार क्या सेवा आचार संहिता के अनुरूप है या नहीं।
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प्रमोशन करना नहीं था मकसद
वहीं, ओशीन शर्मा का कहना है कि वे पिछले एक वर्ष से उस उत्पाद का व्यक्तिगत रूप से उपयोग कर रही थीं। उसी अनुभव के आधार पर वीडियो साझा किए थे। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का व्यावसायिक प्रमोशन नहीं था।
डिएक्टिवेट किए सोशल मीडिया अकाउंट्स
हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कुछ कंटेंट हटाने की मौखिक सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने पूरे अकाउंट ही अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें औपचारिक नोटिस नहीं मिला है।
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जांच के दिए आदेश
सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने इस प्रकरण में DC शिमला को जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि, नोटिस जारी करने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट टिप्पणी से परहेज किया और कहा कि मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
पहले भी सुर्खियों में रहीं मैडम
ओशीन शर्मा इससे पहले भी विभिन्न कारणों से चर्चा में रही हैं। उनकी शादी धर्मशाला से पूर्व भाजपा विधायक विशाल नेहरिया से हुई थी, जो बाद में टूट गई। इसके अलावा मंडी के संधोल में तहसीलदार रहते हुए लंबित कार्यों को लेकर उन्हें नोटिस भी मिला था और बाद में उनका तबादला कर दिया गया था। कुछ समय तक उन्हें नई पोस्टिंग नहीं मिली, फिर भाषा कला एवं संस्कृति विभाग में तैनाती हुई और वर्तमान में वे शिमला अर्बन में एसडीएम के रूप में कार्यरत हैं।
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उठ रहे कई सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि-
- सरकारी अधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों की सीमा क्या होनी चाहिए?
- क्या व्यक्तिगत अनुभव साझा करना भी प्रमोशन माना जाएगा?
- क्या पब्लिक इंट्रेस्ट की कसौटी पर ऐसे पोस्ट सही ठहराए जा सकते हैं?
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नौकरशाही पर छीड़ी बहस
फिलहाल, ओशीन शर्मा ने अपने अकाउंट अस्थायी रूप से बंद कर स्थिति को शांत करने का संकेत दिया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि आगे प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं। इस घटनाक्रम ने हिमाचल की नौकरशाही में सोशल मीडिया की भूमिका और मर्यादा पर एक नई बहस छेड़ दी है।
