मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने लोगों को हैरानी के साथ-साथ भावुक भी कर दिया। रिवालसर क्षेत्र में एक बंदर ने कुत्ते के एक छोटे पिल्ले को अपनी गोद में उठाया और पेड़ पर चढ़ गया।
मासूम को लेकर पेड़ पर चढ़ा बंदर
आमतौर पर बंदरों और कुत्तों के बीच संघर्ष की घटनाएं देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार दोनों के बीच अपनापन और ममता का दुर्लभ दृश्य सामने आया। बंदर पिल्ले को लेकर करीब 20 फीट ऊंचे पेड़ पर जा बैठा। वहां उसने लगभग दस मिनट तक पिल्ले को अपने सीने से लगाए रखा।
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सीने से लगाकर रखा
इस दौरान पिल्ला भी पूरी तरह शांत नजर आया और उसने किसी तरह की घबराहट नहीं दिखाई। पेड़ के नीचे खड़े लोग लगातार इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे और पिल्ले की सुरक्षा को लेकर चिंतित बने रहे।
लोगों की अटकी सांसें
मौके पर मौजूद लोगों को डर था कि कहीं बंदर पिल्ले को ऊंचाई से नीचे न गिरा दे, जिससे उसकी जान को खतरा हो सकता था। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कुछ समय बाद बंदर स्वयं नीचे उतरा और पिल्ले को सुरक्षित जमीन पर छोड़ दिया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस अनोखी घटना का वीडियो किसी स्थानीय व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा होते ही यह तेजी से वायरल होने लगा। लोग इस दुर्लभ दृश्य को देखकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे जानवरों के बीच ममता और अपनत्व का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्रकृति के अनोखे व्यवहार के रूप में देख रहे हैं।
गिर जाता तो हो सकती थी मौत
लोगों ने बताया कि जिस समय बंदर पिल्ले को लेकर पेड़ पर चढ़ा, उस समय आसपास मौजूद सभी लोग चिंतित हो गए थे। उन्हें आशंका थी कि कहीं पिल्ले को कोई नुकसान न पहुंच जाए। हालांकि बंदर का व्यवहार पूरी तरह शांत रहा और उसने पिल्ले को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाई। उन्होंने बताया कि यह पिल्ला किसी का पालतू नहीं बल्कि इलाके में घूमने वाला एक आवारा कुत्ते का बच्चा है।
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लोगों की बढ़ी चिंता
हालांकि इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच एक नई चिंता भी पैदा हुई है। लोगों का कहना है कि यदि बंदर छोटे जानवरों को इस तरह उठा सकते हैं तो भविष्य में वे बच्चों के साथ भी ऐसा करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
नहीं है कोई नई बात
वन्यजीव प्रेमी एवं देवभूमि पर्यावरण रक्षक मंच के अध्यक्ष नरेंद्र सैनी का कहना है कि पशु-पक्षियों के बीच इस तरह का व्यवहार कोई बिल्कुल नई बात नहीं है। दुनिया भर में कई ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैं, जहां एक प्रजाति के जीव ने दूसरी प्रजाति के बच्चों के प्रति स्नेह और संरक्षण की भावना दिखाई हो। उन्होंने वायरल वीडियो देखने के बाद अनुमान जताया कि पिल्ले को गोद में उठाने वाला बंदर संभवतः मादा बंदर हो सकता है। मादा बंदरों में मातृत्व और संरक्षण की प्रवृत्ति अधिक देखने को मिलती है।
